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पुरुषों का पशुबल नहीं चलने दूंगा, महिला पुलिस ही अपराधियों की छाती करेगी छलनी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को शहर में कई कार्यक्रमों में शिरकत की। फिक्की लेडीज़ ऑर्गेनाइजेशन के कार्यक्रम में उन्होंने कहा- मैंने शिक्षा और पुलिस में क्रमश: 50 और 33 फीसदी महिला आरक्षण का लक्ष्य रखा है। लोग कहते हैं महिला पुलिस अधिकारी पुरुष अपराधियों से कैसे निपटेंगी? मैं कहता हूं मैं प्रदेश में पुरुषों के पशुबल को नहीं चलने दूंगा। अपराधियों का कोई मानव अधिकार नहीं होता। हाथ में बंदूक थामे महिला पुलिस अधिकारी ही उनका सीना छलनी करेंगी।
इसके अलावा सीएम ने लोक संस्कृति मंच द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में शिकरत की। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि स्कीम 54 में 80 करोड़ की लागत से दिव्यांग (विकलांग, मानसिक रूप से कमजोर) बच्चों के लिए 55 हजार वर्गफीट में गार्डन बनेगा। गार्डन में नॉलेज, मनोरंजन और खेल-कूद के लिए हर वह सुविधा होगी। पूर्वी रिंग रोड स्थित एक गार्डन में आयोजित इस समारोह में सीएम ने कहा आज का दिन मेरे लिए बेहद खास बन गया है, क्योंकि मैं उन बच्चों को सम्मानित कर रहा हूं जो इस देश के लिए बहुत खास हैं। एक साथ इतने बच्चों के लिए संस्था को गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड से नवाजा गया है। संस्था प्रमुख और आईडीए अध्यक्ष शंकर लालवानी, भाजपा अध्यक्ष कैलाश शर्मा, महापौर मालिनी गौड़, विधायक महेंद्र हार्डिया, सुदर्शन गुप्ता, राजेश सोनकर भी मौजूद थे।
सीएम की सवा घंटे की देरी के कारण चार घंटे परेशानी में बीते बच्चों के
मुख्यमंत्री को समारोह में शाम 4 बजे पहुंचना था। वे लगभग सवा 5 बजे पहुंचे। सवा घंटे तक बच्चे उनका इंतजार करते रहे। वहीं लगभग एक घंटे पहले ही उन्हें कार्यक्रम स्थल लाया गया था। कार्यक्रम का समय जोड़ा जाए तो करीब चार से पांच घंटे उन्हें परेशान होना पड़ा। अलग-अलग संस्थाओं के ये बच्चे बार-बार पूछ रहे थे, वापस कब जाएंगे। कोई खाने तो कोई पानी के लिए केयर टेकर से पूछ रहा था।
फिक्की लेडीज़ ऑर्गेनाइजेशन का कवरेज सिटी भास्कर में पढ़ें।
स्कीम 54 में दिव्यांग बच्चों के लिए 80 करोड़ में बनेगा गार्डन
पूर्वी रिंग रोड स्थित एक गार्डन में दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने बच्चों पर फूल बरसाए।
जन्म तारीख के हिसाब से मिला पंक्ति में स्थान- संस्था का दावा था कि लगभग एक हजार बच्चों का सम्मान किया। पहली पंक्ति में पहला बच्चा वह बैठा, जिसका जन्मदिन जनवरी की पहली तारीख को था। उसके बाद अगली तारीखों और माह के हिसाब से बच्चों को एक के बाद एक बैठाया।
गीता से सीएम ने पूछा- कैसी हो, इशारों में जवाब- मैं ठीक हूं, भाभीजी कैसी हैं?
मुख्यमंत्री ने समारोह में मौजूद गीता से पूछा- कैसी हो गीता? इस पर गीता ने भी इशारों में जवाब दिया ठीक हूं। फिर गीता ने इशारों में पूछा कि भाभीजी कैसी हैं? इस पर सीएम ने कहा बहुत अच्छी। फिर गीता से सीएम ने कहा कि मुझे अच्छा लगा कि तुम भी इस कार्यक्रम में आई। मुलाकात हो गई, फिर मिलेंगे।
बच्चों के बीच बच्चे बने सीएम, गीत गाए- मुख्यमंत्री बच्चों के साथ उन्हीं के अंदाज में बात करते रहे। सबसे पहले एक बच्ची को गोद में लिया और उसे आशीर्वाद दिया। समारोह के दौरान भी वे कभी बच्चों के साथ हंसते तो कभी सिर पर हाथ फेरकर आशीर्वाद देते। मुख्यमंत्री ने गीत भी गुनगुनाए।
इधर, केक काटने राजबाड़ा पहुंचे सीएम, काफिले से दो घंटे जाम
आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में विधायक उषा ठाकुर ने राजबाड़ा पर केक कटिंग कार्यक्रम रखा। इसमें शाम सवा सात बजे मुख्यमंत्री जैसे ही लंबे काफिले के साथ पहुंचे तो राजबाड़ा, जवाहर मार्ग, सुभाष मार्ग और गंगवाल बस स्टैंड तक ट्रैफिक जाम हो गया। करीब दो घंटे लोग जाम में फंसे रहे। जाम में एक महिला इतनी परेशान हो गई कि उसने खुद गौराकुंड चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल ली। 15 मिनट तक महिला अकेले ही ट्रैफिक नियंत्रित करती रही। लोगों ने परेशानी देख डीएसपी आरपी चौबे को फोन किया तो उन्होंने हेड कांस्टेबल को भेजा। जवाहर मार्ग पर ट्रैफिक लोड कम करने के लिए गंगवाल से ट्रैफिक डायवर्शन किया तब रात साढ़े 9 बजे ट्रैफिक सुचारू हुआ।