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लहसुन का उचित भाव नहीं मिला किसानों ने मंडी कर्मियों को पीटा

3 वर्ष पहले
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चोइथराम स्थित देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी में लहसुन का उचित भाव नहीं मिलने पर किसानों ने शनिवार को कृषि उपज मंडी समिति के कर्मचारियों से मारपीट की। मंडी के तीनों गेट बंद कर दिए। मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। मंडी लगातार दूसरे दिन भी बंद रही। सोमवार को मंडी शुरू होगी या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकार ने लहसुन को भावांतर योजना में 10 अप्रैल से शामिल किया है। इसके बाद लहसुन के भाव 1000 से 1200 रुपए क्विंटल तक कम हो गए हैं। इस साल लहसुन की पैदावार भी अच्छी हुई है, इस कारण भी भाव कम हैं। किसानों का कहना है लहसुन 1600 रुपए प्रति क्विंटल ही बिके, लेकिन किसानों को इससे कम भाव मिल रहे थे। इससे किसान नाराज थे। किसानों ने कहा 1600 रुपए प्रति क्विंटल के भाव नहीं मिलेंगे तो हम भावांतर योजना से बाहर हो जाएंगे और हमें भावांतर योजना के तहत 800 रुपए का लाभ नहीं मिलेगा। सहायक उपनिरीक्षक धर्मेंद्रसिंह तोमर ने बताया किसानों ने उनके साथ झूमाझटकी की और उनकी शर्ट भी फाड़ दी। गाली-गलौज कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। मंडी सचिव सतीश पटेल ने बताया शुक्रवार शाम को ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा कर दी थी कि 1600 रुपए क्विंटल से कम भाव पर भी लहसुन बिकता है तो किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिलेगा, लेकिन किसानों में इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। दोपहर में किसानों को इस घोषणा के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद मंडी के गेट खुलवाकर स्थिति सामान्य कराई गई।

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