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धार्मिक व सामाजिक संगठन रजिस्टर्ड नहीं तो दान पर लगेगा इनकम टैक्स

3 वर्ष पहले
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धार्मिक व सामाजिक संगठन यदि रजिस्टर्ड नहीं है तो उसे मिले 50 हजार से अधिक की राशि टैक्स के दायरे में आएगी और संबंधित संस्थान को आयकर चुकाना होगा। यदि कोई संस्था मंदिर, मठ या कोई भी धर्मस्थल बनाती है तो उसे चाहिए कि पहले वह रजिस्टर्ड ट्रस्ट बनाए। फिर दान की राशि ले। यदि धर्मस्थल पहले बन गया और रजिस्ट्रेशन बाद में कराया तो धर्मस्थल बनाने के लिए मिला पूरा दान टैक्स के दायरे में आएगा।

यह जानकारी सीए एसोसिएशन इंदौर के वक्ताओं ने दी। दरअसल, शनिवार को सीए भवन में चैरिटेबल ट्रस्ट, एनजीओ आदि के लिए 1 अप्रैल से लागू हुए नए नियम के लिए यहां सेमिनार रखा गया था। सीए एसोसिएशन के चेयरमैन अभय शर्मा ने कहा कि वर्तमान में चैरिटेबल ट्रस्ट और एनजीओ के माध्यम से सेवा करने का चलन बढ़ा है। इसके लिए आयकर के नियमों को लेकर जानकारी नहीं होने पर मुश्किल आती है। इसी की जानकारी के लिए यह सेमिनार किया गया है। सीए सत्यनाराण गोयल ने कहा कि आजकल देश में कई योजनाएं ट्रस्ट, एनजीओ के माध्यम से हो रही हैं। इसके लिए आयकर की धारा 12 (ए) में छूट भी मिलती है। सीए अमन मेहता ने कहा कि ट्रस्ट को आईटी रिटर्न तय तारीख तक ही करना होगा, नहीं तो उसे छूट नहीं मिलेगी। अब ट्रस्ट में नकद में मिले दो हजार रुपए तक के दान को ही छूट मिल सकती है।

सेमिनार में जानकारी देते हुए वक्ता।

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