शोभायात्रा में भजनों पर झूमी मातृशक्तियां, मंचों से स्वागत
दस्तूर गार्डन में जया किशोरी के मुखारविंद से नानी बाई रो मायरो कथा की जा रही है। बड़ी संख्या में श्रवण कर रहे श्रद्धालु।
भास्कर संवाददाता|इंदौर
नानीबाई रो मायरो महोत्सव समिति द्वारा तीन दिवसीय नानी बाई रो मायरे कथा का शुभारंभ शनिवार को दस्तूर गार्डन में शोभायात्रा के साथ हुआ। गुमाश्ता नगर से शुरू हुई यात्रा फूटी कोठी रोड होते हुए आयोजन स्थल पहुंची। यात्रा में भजनों की स्वरलहरियों पर मातृ शक्तियां खूब झूमी। कथा का समापन सोमवार 16 को होगा। इसी दिन शाम 7 बजे से महाप्रसादी का आयोजन भी होगा। इसमें माहेश्वरी समाज के हजारों बंधु शामिल होकर भोजन प्रसादी ग्रहण करेंगे। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से 6 बजे तक आयोजित की जाएगी।
कथा के पहले दिन कथावाचक जयाकिशोरी ने कहा कि नृसिंहजी ने सामान्य मनुष्य का जीवन जीते हुए भगवान को प्राप्त कर लिया। उन्होंने अपनी भक्ति से भगवान को प्रसन्न कर प्रभु के दर्शन किए।
हम भी भगवान के दर्शन मनुष्य शरीर में रहते हुए कर सकते हैं। जरूरत है तो बस दृढ़ शक्ति और भक्ति की। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव संतों की सेवा करना चाहिए। संत की कृपा से ही मनुष्यों का जीवन संवर जाता है। व्यासपीठ का पूजन संयोजक शिवनारायण मंत्री, रूपनारायण मंत्री, गोविंददास मंत्री, मोहनलाल मंत्री आदि ने किया।