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10 साल में ऐसा पहली बार : उम्मीदवारों की उठापटक नहीं थमने से चुनाव प्रचार में देरी

3 वर्ष पहले
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यशवंत क्लब मैनेजिंग कमेटी के चुनाव 24 जून को संभावित हैं, लेकिन बीते दस साल में यह पहली बार है कि कोई भी पैनल अब तक चुनाव के लिए खुलकर मैदान में नहीं आई है। इसी कारण से इस बार क्लब में चुनाव प्रचार को लेकर कोई हलचल नहीं है।

सभी सदस्य इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर कौन सी पैनल मैदान में होगी और चेयरमैन, सचिव के लिए कौन उम्मीदवार सामने आएगा? इसकी एक बड़ी वजह महागठबंधन यानी सचदेवा पैनल द्वारा अब तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं करना रहा है। मौनी नारंग और अनिल लड्ढा के नाम पर पहले सहमति बनी और बाद में इन्हें पीछे कर संतोष वागले के चेयरमैन पद और सचिव के लिए पंकज मंत्री का नाम आगे किया गया, लेकिन महागठबंधन में सुगबुगाहट है कि मंत्री व्यक्तिगत कारणों से चुनाव लड़ने के कम इच्छुक हैं। यदि ऐसा होता है तो महागठबंधन के लिए नई उलझन शुरू हो जाएगी, क्योंकि फिलहाल वागले और मंत्री की जोड़ी ही मजबूत दिख रही थी।

24 जून को संभावित है क्लब की मैनेजिंग कमेटी के चुनाव
मंत्री हटे तो वागले पर भी संशय

यदि मंत्री हटे तो वागले के भी लड़ने पर संशय आ जाएगा। मंत्री यह तो मानते हैं कि उनके चुनाव लड़ने पर अभी संशय है, लेकिन वह यह भी कह रहे हैं कि अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है, जल्द ही हम लोग साथ बैठेंगे और सभी बातें अप्रैल अंत या मई प्रथम सप्ताह तक औपचारिक रूप से सामने आ जाएंगी।

पम्मी पैनल भी इंतजार में

पम्मी पैनल भी अपने उम्मीदवार घोषित नहीं कर रही है। माना जा रहा है कि इस पैनल के चेयरमैन, सचिव को छोड़कर सभी पदों के लिए उम्मीदवार तय हैं, बस सामने वाली पैनल के उम्मीदवार आते ही वह भी घोषणा कर देगी।

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