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मच्छी बाजार से नया पीठा तक कल तोड़ेंगे 130 बाधक निर्माण

3 वर्ष पहले
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सरवटे से गंगवाल तक जवाहर मार्ग की समानांतर सड़क में मच्छी बाजार से नया पीठा तक के 130 से ज्यादा बाधक निर्माण हटाने की कार्रवाई सोमवार सुबह से होगी। कार्रवाई पहले रविवार को होना थी, लेकिन शनिवार से आंबेडकर जयंती में पुलिस फोर्स लगने से इस संवेदनशील एरिया में कार्रवाई टाल दी गई।

सुप्रीम कोर्ट में तीन माह से चल रहे इस केस में रहवासियों की याचिका खारिज होने के बाद माना जा रहा था कि निगम तत्काल कार्रवाई करेगा। आदेश आने के दिन थ्री-आर कॉन्फ्रेंस को लेकर मेहमान जमा थे वहीं दूसरे दिन आंबेडकर जयंती और हाल ही में हुई आरक्षण आंदोलन की हिंसा से पुलिस, प्रशासन 14 अप्रैल की तैयारी में जुट गया था।

800 मीटर के हिस्से में होगा रिमूवल
200 से ज्यादा बाधक निर्माण थे मच्छी बाजार से नया पीठा के बीच

60 निर्माण पहली कार्रवाई में तोड़े थे निगम ने

10 निर्माण लोगों ने बाद में खुद तोड़ लिए थे

130 बचे निर्माणों में से ज्यादातर में लोगों ने खुद सामान हटा लिया है और निशानों तक झिरी बना दी है

एक संभावना यह : दूसरे हिस्से में लगी याचिका और स्टे पर भी होगा असर
सुप्रीम कोर्ट से जीतने के बाद निगम हाई कोर्ट में चंद्रभागा मेन रोड से लगे निर्माणों पर सुनवाई में इसी आदेश को पेश करेगा। माना जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट में खारिज रहवासियों की याचिका के बाद यहां भी निगम को राहत मिलेगी। नया पीठा के कुछ रहवासी इस सुनवाई को लेकर अभी भी लोगों को इंतजार करने का कहकर निर्माण तोड़ने से रोक रहे हैं। इस मामले में भी निगम सुप्रीम कोर्ट का आदेश रखने के बाद इसे भी खारिज करवाने का प्रयास करेगा, ताकि एक साथ पूरी सड़क का निर्माण हो सके।

अब तक यह : 70 बाधक निर्माण पहले ही तोड़ चुके

मच्छी बाजार से कड़ावघाट होते हुए नया पीठा तक 800 मीटर के इस हिस्से में 200 बाधक निर्माण थे। 70 निर्माण पहले ही तोड़े जा चुुके हैं। निगमायुक्त मनीष सिंह ने बताया साेमवार को अमले के साथ कार्रवाई होगी। शनिवार को निगम ने यहां तैयारी शुरू कर दी थी। इस बीच कुछ रहवासियों ने महापौर से बात भी की कि एक या दो दिन मिल जाएंगे तो हम दरवाजे, खिड़की निकाल लेंगे। कुछ लोगों ने खुद ही मजदूर लगाकर निर्माण हटाने शुरू भी कर दिए हैं। इस बार 8 पोकलेन, 10 से ज्यादा जेसीबी, डंपर और भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई होगी।

रहवासियों की सोच

जाना तो पड़ेगा ही, इसलिए खुद तोड़ रहे

जिन लोगों को निगम ने आवास उपलब्ध करवाए थे, वे भी अभी पूरी तरह शिफ्ट नहीं हुए थे। शनिवार को यह लोग भी कह रहे थे कि अब तो जाना ही पड़ेगा। इसलिए जो निर्माण बाधक है, उसे तोड़ रहे हैं, कम से कम मलबा होने से पहले सामान तो निकाल लेंगे। शनिवार को क्षेत्र के कुछ भाजपा आैर कांग्रेस से जुड़े नेता महापाैर मालिनी गौड़ से भी बात करते रहे, ताकि लोगों को बता सकें कि कार्रवाई कब होगी?

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