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फरवरी में बढ़ा देते 62 डॉक्टरों का ओहदा तो इसी साल मिल जातीं पीजी की 35 नई सीटें

3 वर्ष पहले
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सीधी भर्ती के बाद उपजे असंतोष को कम करने के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शुक्रवार को क्लीनिकल और नॉन क्लीनिकल विभागों के करीब 62 डॉक्टरों का ओहदा बढ़ा दिया। इनमें 17 डॉक्टरों को प्रोफेसर और 45 को एसोसिएट प्रोफेसर नामित किया गया। इसका फायदा कॉलेज को यह होगा कि पीजी की 35 से अधिक नई सीटें मिल पाएंगी। हालांकि ये सीटें इस बार नहीं मिलेंगी।

ऐसे डॉक्टर्स जो पदोन्नति के मापदंड को पूरा करते हैं लेकिन किन्हीं कारणों से पदोन्नत नहीं हो पाए, उन्हीं डॉक्टरों का ओहदा बढ़ाया है। कॉलेज प्रशासन फरवरी में ही यह प्रक्रिया कर लेता तो पीजी की नई सीटें इसी साल मिल जातीं। दरअसल प्रमुख सचिव ने इस आशय के निर्देश फरवरी में ही जारी कर दिए थे। एमसीआई के नए नियमों के अनुसार एक प्रोफेसर के विरुद्ध तीन और दो एसोसिएट प्रोफेसरों के विरुद्ध दो पीजी सीट पर प्रवेश दिया जा सकता है।

मार्च में 45 को किया था पदोन्नत

23 मार्च को सीधी भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के 45 पदों पर पदोन्नति दी गई थी। इन पदों के भर जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने 35 नई पीजी सीट बढ़ाए जाने का आवेदन दिया। यह आवेदन देरी से किए जाने के कारण अब यह सीटें शैक्षणिक सत्र 2019-20 में बढ़ पाएंगी।

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