महाराष्ट्र की मिलों के पास तुअर एवं दाल का भारी मात्रा में स्टॉक
किसानों की खुले बाजार में चने की बेचवाली से अन्य दलहनों में भी मंदी का वातावरण बन गया है। तुअर, मसूर, मूंग के भाव फिर से टूटने लगे हैं। दालों में मांग का अभाव बना हुआ है। आम सीजन भी शुरू हो गया है। भाव आए दिन धीमी गति से कम होते जा रहे है। महाराष्ट्र की मिलों के पास तुअर एवं दाल का भारी मात्रा में स्टॉक बताया जाता है। इंदौर में मिलों के पास उड़द का स्टॉक बताया जाता है।
महाराष्ट्र की कुछ मिलों की स्थिति यह हो गई है कि जिस मिल में 50 से 60 मजदूर काम कर रहे थे, वहां घटकर 10 मजदूर रह गए है। कुछ मिलों के पास तुअर दाल का भारी-भरकम मात्रा में स्टॉक है। मिलें दाल बेचना चाहती है, किंतु लेवाल नहीं मिल रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार द्वारा कुछ व्यापारियों के लाइसेंस रद्द करने के बाद व्यापार का वातावरण और खराब हो गया है। कुछ दाल मिलें एवं व्यापारी धंधा करने से पीछे हटने लगे है। दालों के भाव कम होने के बाद मांग कमजोर रहना आश्चर्य की बात है। वार्षिक स्टॉक करने वालों तुअर दालों में मांग कमजोर बनी हुई है।
गेहूं मालवराज में नरमी
गेहूं की आवक दोनों मंडियों में मिलाकर 15 हजार बोरी की रही। मालवराज में लेवाल पीछे हट जाने से बेस्ट क्वालिटी मालवराज के भाव घटकर 2000 रुपए रह गए है। मिल क्वालिटी गेहूं के भाव लगभग स्थिर रहे। मक्का में मांग विशेष नहीं है। इंदौर डिलीवरी पीली मक्का 1300 रुपए के भाव बताए गए।