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अधिकमास आज से, 19 साल बाद ज्येष्ठ में आया ये महीना, मंदिर और आश्रम में एक महीने तक होंगे भागवत पारायण

3 वर्ष पहले
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अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) बुधवार से शुरू होगा। यह 13 जून तक रहेगा। अधिकमास में शहरभर में भागवत पारायण, कथा, लक्ष्मीनारायण महायज्ञ सहित अन्य आयोजन होंगे। मास पर्यंत 108 भागवत पारायण भी होगी। पंडितों के अनुसार ज्येष्ठ में अधिकमास 19 साल बाद आ रहा है।

इसलिए आता है अधिकमास- पंडितों के अनुसार सौर वर्ष 365 दिन का होता है, जबकि हमारा चांद्रमास 354 दिन का। इस अंतर को पूरा करने के लिए धर्मशास्त्रों में अधिकमास की व्यवस्था की गई है। यह 32 माह, 16 दिन और चार घड़ी के अंतर से आता है। धर्मशास्त्र, ज्योतिर्विज्ञान की मान्यता है कि जिस महीने में सूर्य की संक्रांति नहीं होती है, वह मास अधिकमास के नाम से जाना जाता है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं।

पिछली बार 1999 में आया था, अब 2037 में आएगा

1981, 1999, इस साल 2018 में फिर 2037 में आएगा।

तीन साल बाद आश्विन मास में आएगा- 2015 में आषाढ़ में अधिकमास आया था। इस बार के बाद तीन साल बाद आश्विन मास में अधिकमास आएगा।

शहरभर में होंगे विभिन्न स्थानों पर आयोजन, लक्ष्मीनारायण यज्ञ और कथा होगी

श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ पंचकुइया में 20 से 27 मई तक होगा। 108 कुंडों पर जोड़े आहुतियां देंगे।

श्री माहेश्वरी पंचायती ट्रस्ट द्वारा 30 दिनी अनुष्ठान 108 ब्राह्मणों के सान्निध्य में गौराकुंड चौराहा स्थित जानकीनाथ मंदिर में होगा। श्रीमद् भागवत कथा, रामायण पारायण, पांच दिनी लक्ष्मीनारायण महायज्ञ आदि होंगे।

पंचकुइया श्रीराम मंदिर आश्रम में 16 मई से 108 भागवत पारायण शुरू होगा। श्रीमद् भागवत कथा भी की जाएगी।

श्री श्रीविद्याधाम में पुरुषोत्तम मास में 108 विद्वानों द्वारा भागवत का मूल पारायण किया जाएगा। 16 से 22 मई तक भागवत कथा होगी। हंसदास मठ में 16 मई से 13 जून तक भागवत पारायण किया जाएगा।

विवाह, प्रतिष्ठा आदि कार्य वर्जित

अधिकमास में प्रतिष्ठा, कर्म, विवाह आदि मंगल कार्य वर्जित हैं। व्रत, दान, उपवास, पारायण आदि कार्य का अक्षय पुण्य मिलता है।

144 कुंडीय महालक्ष्मी यज्ञ होगा

श्री पुरुषोत्तम मास उत्सव के अंतर्गत 144 कुंडीय महालक्ष्मी महायज्ञ व श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 27 मई से 2 जून तक बद्रीनाथ में होगा। इसमें इंदौर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। आयोजन तिरुपति बालाजी देवस्थान के अधिष्ठाता झालरिया पीठाधीश्वर स्वामी घनश्यामाचार्य महाराज के सान्निध्य में भक्तों द्वारा करवाया जा रहा है। देवस्थान के ट्रस्टी पुरुषोत्तम पसारी व रामस्वरूप मूंदड़ा ने बताया इस अवसर पर युवराज स्वामी श्री भूदेवाचार्य महाराज श्रीमद् भागवत कथा भी सुनाएंगे।

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