बैठक में नहीं आए एआरओ और बिल कलेक्टर, निगमायुक्त ने किया सस्पेंड
आप लोगों को शर्म आना चाहिए। जितना वेतन लेते हो, उतना तो टैक्स वसूली करो। सुन लीजिए, किसी भी तरह की कामचोरी नहीं चलेगी। मुझे ऐसे लोग चाहिए भी नहीं। आपके स्थान पर मस्टरकर्मी रखूंगा तो वे ज्यादा अच्छा काम कर लेंगे। आपके काम में कोई हस्तक्षेप करता है तो मुझे बताएं।
यह बात निगमायुक्त आशीष सिंह ने निगम राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने बैठक में बिना बताए गायब सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) वीरेंद्र शर्मा और वार्ड 46 के बिल कलेक्टर शिव थनवार को सस्पेंड करते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजने के आदेश दिए। नए वित्तीय वर्ष में महापौर ने निगम राजस्व विभाग को 500 करोड़ टैक्स वसूलने का आदेश दिया है।
इसलिए नाराज हुए : 43 दिन में मात्र 34 करदाताओं से टैक्स जमा कराया
वार्ड 46 के बिल कलेक्टर को लेकर जानकारी मिली कि वित्तीय वर्ष के 43 दिन बीत जाने पर भी मात्र 34 करदाताओं ने राजस्व जमा कराया। कमिश्नर ने कहा- यह आपत्तिजनक है। यह दर्शाता है कि संबंधित बिल कलेक्टर ने वसूली का कोई प्रयास नहीं किए, जबकि बिल कलेक्टर के साथ ही एक सहायक रहता है। एआरओ ने भी कोई प्रयास नहीं किया। एआरओ को चेतावनी दी गई। कमिश्नर ने अग्रिम करों की वसूली के लिए पर्याप्त प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह, उपायुक्त राजस्व अरुण शर्मा, सभी उपायुक्त, समस्त सहायक राजस्व अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
7 दिन बाद बैठक लूंगा, तब तक तैयार हो जाएं
समीक्षा के दौरान 50 हजार से अधिक के बकायादारों से वसूली नहीं करने पर आयुक्त ने सहायक राजस्व अधिकारी को फटकार भी लगाई। साथ ही जो खाते वसूली योग्य नहीं थे, उन पर डिमांड बंद करने के संबंध में भी काम नहीं करने पर जोन 6 के एआरओ मुकेश पटेरिया को भी चेतावनी दी।