एसिड अटैक पीड़ित को प्रशासन 15 दिन में दे एक लाख : कोर्ट
एसिड अटैक से पीड़ित युवक को एक लाख रुपए मुआवजा 15 दिन में देने के आदेश मंगलवार को हाई कोर्ट ने दिए। प्रशासन के बार-बार बहानेबाजी करने पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए यह आदेश जारी किए।
गांधी नगर निवासी नंदलाल पर एक परिवार ने एसिड अटैक किया था। परिजन को शक था कि नंदलाल उनकी बेटी को छेड़ता है। उन्होंने नंदलाल को अपने घर बुलाया। फिर पानी की टंकी साफ कराने के बहाने उसे टंकी में उतार दिया। इसी दौरान माता-पिता और बेटी ने उस पर एसिड डाल दिया। इससे युवक चीख उठा और जैसे-तैसे टंकी से बाहर आया। उसका चेहरा 75 फीसदी जल चुका था। उसने अधिवक्ता शन्नो शगुफ्ता खान के जरिए हाई कोर्ट में अर्जी लगाई थी। प्रशासन से उसे नियमानुसार तीन लाख की मदद मिलना है। इलाज के लिए पहली किस्त के डेढ़ लाख रुपए मिल चुके, लेकिन दूसरी किस्त का पैसा नहीं मिल रहा था। प्रशासन कमेटी की बैठक होने, उसमें प्रस्ताव पारित होने के बाद पैसा देने की बात कह रहा था। तीन बार कोर्ट से समय लेने के बाद भी कमेटी की बैठक नहीं हुई।
नसबंदी ऑपरेशन बिगड़ा, देना होगा 30 हजार मुआवजा
इंदौर| एक महिला का सरकारी अस्पताल में नसबंदी का ऑपरेशन बिगड़ने पर 30 हजार रुपए मुआवजा देने के आदेश हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। ऐसी स्थिति में मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था है, लेकिन विभाग इसका लाभ महिला-पुरुषों को नहीं देता है। जानकारी के अनुसार सविता नामक महिला ने सरकारी अस्पताल में कुछ समय पहले नसबंदी ऑपरेशन कराया था, लेकिन कुछ महीने बाद पता चला कि वह विफल रहा। महिला ने अस्पताल में जाकर शिकायत की तो प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया व मुआवजा देने से भी इनकार कर दिया। इस पर महिला ने हाई कोर्ट में अधिवक्ता शन्नो शगुफ्ता खान के जरिए अर्जी लगाई। कोर्ट में बताया गया कि अस्पताल ने ऑपरेशन बिगाड़ दिया, जिससे शारीरिक परेशानी हुईं।