ऑपरेशन थिएटर के एसी बंद पड़े हैं। हम अस्पताल प्रशासन से कई बार कह चुके, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
यह बात सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आरके माथुर ने संभागायुक्त राघवेंद्र सिंह से कही। संभागायुक्त ने अधीक्षक से सवाल-जवाब किए। तभी सर्जरी विभाग की ओर से बताया गया कि एसी लगवाते हैं, लेकिन छत से कंप्रेसर गायब हो जाते हैं। कमिश्नर ने कहा कि जितने भी एसी की जरूरत है, लगवाएं। शुक्रवार को कमिश्नर और कलेक्टर एमवायएच के दौरे पर थे। उन्होंने डीन डॉ. शरद थोरा, अधीक्षक डॉ. वीएस पाल, सुपर स्पेशिएलिटी प्रोजेक्ट प्रभारी डॉ. सुमित शुक्ला, ई-हॉस्पिटल प्रोजेक्ट इंचार्ज डॉ. सलिल भार्गव सहित सारे विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की। बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा सरकार ने भी एमसीआई के आगामी निरीक्षण और विभाग में छिटपुट कमियों की ओर ध्यान दिलाया। डॉ. थोरा ने इन कमियों को दूर कर लेने की बात कही। मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. रामगुलाम राजदान ने मानसिक चिकित्सालय का मुद्दा उठाया। बैठक में निगमायुक्त आशीष सिंह भी पहुंचे।
एक पलंग पर दो मरीज नहीं होने चाहिए
संभागायुक्त ने कहा एक पलंग पर दो महिलाओं को नहीं रखा जाए। यदि मरीज ज्यादा हों और प्राइवेट वार्ड खाली हों तो वहां शिफ्ट करें। सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल प्रोजेक्ट के लोगों ने बताया कि एनसीसी वाले जमीन खाली नहीं कर रहे। इस पर उन्होंने कहा आप बताएं कि कब तक खाली कराना है। ठेकेदार ने कहा कि दो महीने में हमें जमीन दिला दीजिए। अन्यथा प्रोजेक्ट पिछड़ जाएगा।