इंदौर | प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों से बाहर किए गए 107 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) कोटे के छात्रों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अधिवक्ता सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता के मुताबिक चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पिछले साल छात्रों के एडमिशन निरस्त करते हुए कहा था कि ये लोग एनआरआई नहीं हैं, बल्कि मप्र से ही नाता रखते हैं। इन्होंने गलत तरीके से एडमिशन लिए हैं। एक नोटिस देकर इनके एडमिशन रद्द कर दिए थे। इस फैसले को छात्रों ने पहले हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन राहत नहीं मिली तो फिर सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को निर्देश दिए थे कि छात्रों की याचिका को प्राथमिकता से सुना जाए। हाई कोर्ट ने पिछले दिनों सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को फैसला जारी करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग की कार्रवाई को निरस्त कर दिया और छात्रों के एडमिशन को यथावत रखने के आदेश दिए हैं।