हाई कोर्ट बार एसो. के 93 सदस्यों को वोट के अधिकार पर सुनवाई पूरी
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के 21 अप्रैल को होने वाले चुनाव में अंडरटेकिंग देने के बावजूद 93 वकीलों को मताधिकार नहीं दिए जाने पर दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई। हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
अंडरटेकिंग देने वाले दो वकीलों ने यह याचिका दायर की थी। इसमें अधिवक्ता मनीष यादव ने इंटरविन एप्लीकेशन भी लगाई थी, जिसमें लिखा था कि जब 93 वकीलों ने अंडरटेकिंग दे दी है तो उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए। 93 वकीलों ने पूर्व में स्टेट बार काउंसिल में अंडरटेकिंग दी थी कि वह जिला अभिभाषक संघ के चुनाव में वोट देंगे, लेकिन उस समय वन बार, वन वोट का नियम लागू नहीं हुआ था। हाई कोर्ट ने भी जनहित याचिका पर दिए आदेश में कहा है कि जो वकील अंडरटेकिंग देंगे उन्हें मताधिकार दिया जाना चाहिए। इस आदेश के आधार पर ही प्रभावित वकीलों ने अंडरटेकिंग दी थी। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।