पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • फ्यूल पिन्स की डिज़ाइन को किया जा रहा है बेहतर

फ्यूल पिन्स की डिज़ाइन को किया जा रहा है बेहतर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
न्यूक्लियर रिएक्टर्स को एनर्जी देने के लिए फ्यूल पिन्स का इस्तेमाल किया जाता है। एसएस पाइप्स और पैलेट्स सहित दूसरी चीज़ों से मिलकर बना एक फ्यूल करीब एक करोड़ बीस लाख रुपए कीमत का होता है। इन पिन्स में यदि एक माइक्रॉन या इससे भी छोटा स्ट्रेन पूरे पिन को डिसफंक्शनल कर सकता है। पिछले करीब दो दशकों में हमारे वैज्ञानिकों ने हर साल खराब होने वाले फ्यूल पिन्स की संख्या को 250 से 50 तक ला दिया है। इनके डिज़ान्स पर आज भी काम जारी है। इन्हें बेहतर बनाया जा रहा है।

न्यूक्लियर रिएक्टर्स के फ्यूल पिन्स पर ये जानकारी भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के प्रमुख और परमाणु ऊर्जा आयोग के सदस्य के.एन. व्यास ने दी। वे राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र द्वारा चलाए जाने वाले ओसीएएल कोर्स के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर में थे।

कोर्स में होंगे 40 क्लास रूम लेक्चर्स

केट के डायरेक्टर डॉ. पी.ए. नाईक ने बताया कि ओरिएंटेशन कोर्स ऑन एक्सलरेटर्स, लेजर्स एंड रिलेटेड साइंस एंड टेक्नोलॉजी (ओसीएएल) के चौथे प्रोग्राम के लिए हमने देशभर के 15 राज्यों के 20 शहरों से 40 युवाओं चुना है। आठ सप्ताह के इस कोर्स के दौरान 40 क्लासरूम लेक्चर्स, हैंड्स ऑन ट्रेनिंग, एक इंडस्ट्रीयल विज़िट के अलावा 10 एक्सपर्ट्स के लेक्चर के ज़रिए लेज़र्स और एक्सलरेटर्स का एडवांस नॉलेज देंगे।

खबरें और भी हैं...