मप्र में गेहूं के भाव अन्य प्रदेशों से अधिक होने के बाद भी आवक कमजोर पड़ने लग गई है, जिससे भावों में तेजी आने लगी है। आवक कम होने से चने के भावों में आंशिक मजबूती रही। उड़द में स्टॉकिस्टों की बेचवाली निकल गई है। डॉलर की आवक 25 हजार बोरी की रही। मप्र की मंडियों में गेहूं की आवक कम है। थोड़ा बहुत गेहूं आ रहा है, वह समर्थन भावों पर तुलने के लिए जा रहा है।
मप्र में गेहूं की खरीदी लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। मंडियों में आवक भी दम तोड़ती नजर आ रही है। मप्र की मैदा मिलें प्रदेश के बाहर से गेहूं खरीदी कर रही है। यही स्थिति महाराष्ट्र की मिलों की है। आयात फिलहाल बंद है। ऐसा आभास हो रहा है कि आने वाले 1-2 माह में खाद्य निगम ने बेचवाली नहीं निकाली तो खुले बाजार में जोरदार तेजी आ सकती है। इस बार वार्षिक स्टॉक करने वाले उपभोक्ताओं की मांग भी सामान्य से कम रही है। इंदौर मंडी में मालवराज बेस्ट क्वालिटी 2125 रु. लोकवन बेस्ट 1950 से 2000 रु. पूर्णा 2000 से 2025 रु. एवं मिल क्वालिटी 1775 से 1780 रुपए।