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गीतों के जरिए कही श्रीराम के जन्म से लेकर राज्याभिषेक की कथा

3 वर्ष पहले
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शर्मा बंधुओं ने शनि मंदिर में मंगलवार को भजनों की प्रस्तुति दी

सिटी रिपोर्टर | इंदौर

कथा को गीतों के जरिए कहने की भी एक परंपरा है। श्री शनैश्चर जयंती संगीत महोत्सव मेंं मंगलवार को इसकी सुमधुर मिसाल दी गई। शनि मंदिर में संगीत रामायण सांगीतिका को शहर की शास्त्रीय गायिका शुभदा मराठे और संजय तराणेकर ने कही। उन्होंने जन्म से ले राज्याभिषेक तक के विभिन प्रसंगों को हिंदी गीतों के माध्यम से गाया।

श्रीराम की कथा साकार हो उठी

दोपहर में भी श्रोताओं की अच्छी खासी संख्या के बीच शुभदा मराठे और संजय तराणेकर ने इन गीतों को इस तरह चुना और प्रस्तुत किया कि श्रीराम की कथा साकार हो उठी। कोरस में उतना ही सुमधुर साथ दिया मानसी तराणेकर और अवनी जोशी ने। भरत मिलाप पर प्रसंग पर बंधु प्रेम आदर्श मनोरथा, हनुमान प्रसंग पर ह्रदय चीर प्रभु का नाम दिखाया गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। आक्टोपैड पर अचिन जाधव, की-बोर्ड योगेश दुबे और तबले पर विलास खरगोणकर ने बेहतरीन संगत की।

शनि महाराज को समर्पित भजनों की प्रस्तुति दी

शाम की सभा में उज्जैन के शर्मा बंधुओं ने अपनी प्रस्तुति में मुख रूप से शनि महाराज को समर्पित भजनों की प्रस्तुति दी। भक्तजनों के ह्रदय में रहते महाराजा शनि, है शानिराजा रक्षा करो महाराज, शनि शनि करते रहो भजन गाए। इसके अलावा भगवान राम, शिव की महिमा और देवी भजन भी गाए। पं.राजीव शर्मा, मुकेश शर्मा, शैलेश शर्मा, मिथिलेश शर्मा ने इन भजनों से भक्तिभाव पैदा किया। तबले पर अशेष उपाध्याय, आक्टोपैड हरीश और की-बोर्ड पर अभिषेक चौहान ने संगत की। संचालन अर्चना चितले ने किया।

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