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बिजलपुर से राऊ के बीच पानी की लाइन में लीकेज, 9 क्षेत्रों की टंकियां खाली रहीं
बिजलपुर से राऊ के बीच सोमवार रात 1700 एमएम व्यास की पाइप लाइन फूट गई। इसके चलते मंगलवार को 9 टंकियां पूरी तरह खाली रहीं, वहीं 6 टंकियां आधी ही भरी जा सकीं। इस कारण इन 15 टंकियों से होने वाला जलप्रदाय प्रभावित रहा। नर्मदा प्रोजेक्ट के अफसरों के मुताबिक लीकेज सुधार दिया है। बुधवार को 90 प्रतिशत क्षेत्रों में सप्लाय सामान्य रहेगी।
रात 1 बजे निकल गया ढक्कन
जलकार्य समिति प्रभारी बलराम वर्मा ने बताया सोमवार रात 1 बजे बिजलपुर से राऊ के बीच 1700 एमएम व्यास की ग्रैविटी लाइन में लीकेज आ गया। पाइप का एक ढक्कन ही निकल गया, इसलिए सप्लाय बंद करना पड़ा।
इन क्षेत्रों में खाली रही टंकियां
खजराना, सर्वसुविधा नगर, आंबेडकर नगर, विदुर नगर, प्रगति नगर, चंदन नगर, हवा बंगला, बिलावली व बुद्ध नगर की टंकियां खली रहीं।
यहां पूरी तरह नहीं भराई टंकियां
अन्नपूर्णा, तुकोगंज, कॉटन अड्डा, कृषि नगर, स्कीम 74 व साईं कृपा टंकियां पूरी तरह नहीं भरी जा सकीं।
पूर्वी क्षेत्र में डायरेक्ट सप्लाय प्रभावित
पूर्वी क्षेत्र में डायरेक्ट सप्लाय प्रभावित रहने से अनूप नगर, मूसाखेड़ी, छोटी खजरानी क्षेत्र में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ढक्कन बदल दिया, कुछ क्षेत्रों में कम दबाव से जलापूर्ति
प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया जो ढक्कन निकल गया था, उसे बदल दिया है। बुधवार को परेशानी नहीं आएगी। कम दबाव से कुछ क्षेत्रों में पानी आ सकता है।
15 दिन के अंदर जलूद में दो बार फॉल्ट
शहर में पिछले 15 दिन से अलग-अलग कारणाें से नर्मदा से होने वाला जलप्रदाय प्रभावित हो रहा है। दो बार जलूद स्थित पंपिंग स्टेशन में फॉल्ट होने पर तो एक बार शहर में लाइन फूटने के कारण दिक्कत हुई।
रहवासी बोले- विधायक और पार्षद जल संकट पर नहीं दे रहे ध्यान
जल संकट को लेकर बाणगंगा के रहवासियों ने मंगलवार को स्कीम नंबर 51 जोन कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के शहर अध्यक्ष बटेश्वरनाथ सिंह ने बताया कि पार्षद और विधायक कोई ध्यान नहीं दे रहे। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा।
मेयर ने मांगी नए भवनों की सूची जहां नहीं लगा वाॅटर रिचार्जिंग सिस्टम
महापौर मालिनी गौड़ ने मंगलवार को सभी जेडओ और भवन अधिकारी, भवन निरीक्षकों से कहा है कि एक साल में जितनी भी भवन अनुमति हुई है, उन्होंने वाॅटर रिचार्जिंग सिस्टम लगाया है या नहीं? यदि नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करें। एक माह में उनके यहां सिस्टम रिचार्ज कराएं। पिछले साल कम बारिश से सर्वाधिक असर भूजल स्तर और बोरिंग पर पड़़ा है, इसीलिए प्रयास किए जा रहे हैं कि इस बारिश में ज्यादा से ज्यादा पानी जमीन में जाए, ताकि शहर का भू-जल स्तर बढ़ाया जा सके।