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सीए-इंटीरियर डिज़ाइनर लड़कियों ने शुरू किया कार वॉशिंग स्टार्टअप

3 वर्ष पहले
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कुछ बिज़नेस ऐसे होते हैं जिन्हें करना पुरुषों का एकाधिकार माना जाता है लेकिन शहर में रहने वाली दो बहनों ने एक ऐसा स्टार्टअप शुरू किया है जो इस मानसिकता की ख़िलाफत बड़े जोरों से कर रहा है। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट है, तो दूसरी इंटीरियर डिज़ाइनर। पढ़ाई के अनुरूप इन्हें लोगों के घर सजाने और अकाउंट्स संभालने चाहिए लेकिन उन्होंने कार वॉशिंग को स्टार्टअप के तौर पर शुरू किया है। ये दोनों ही कार वॉश करने का वो सिस्टम लेकर आई हैं जो सेंट्रल इंडिया में पहली बार ही आया है। ये लड़कियां हैं नयन काबरा और पलक काबरा। दोनों बहनों के मुताबिक ये एक स्टार्टअप से ज्यादा हमारे लिए चैलेंज था क्योंकि लोग भरोसा नहीं कर रहे थे कि हम इसे चला पाएंगे। इसके पीछे इनका मकसद था कुछ अलग करना भले वो फील्ड वर्क हो।

लड़कियां हो, ऑफिस में बैठकर काम करो

नयन बताती हैं चूंकि कार वॉश से जुड़ा स्टार्टअप था, तो शुरूआत में कुछ लोगों ने कहा कि सीए और डिज़ाइनर हो, ऑफिस में बैठकर काम कर सकती हो, फिर बेवजह फील्ड वर्क क्यों करना चाहती हो? तब मेरा सिर्फ यही जवाब रहता कि हम कुछ नया करना चाहते थे, फिर वो फील्ड वर्क ही क्यों न हो। हांलाकि हमें सेटअप तैयार करने में काफी मुश्किलें आईं। कंस्ट्रक्शन करवाने के लिए हमें लेबर ही नहीं देते थे। चूंकि हम लड़कियां थे तो गंभीरता से ही नहीं लेते। बाद में हम लेबर के साथ खड़े रहकर कंस्ट्रक्शन करवाया और सेटअप तैयार किया। कुछ कस्टमर्स ने भी इस मशीन को मैन्युअल वॉश से कम्पेयर किया। तब हमने मशीन के बारे में लोगों को जानकारी देना शुरू किया, ताकि उन्हें मशीन की टेक्नीक की उपयोगिता के बारे में पता चल सके।

विदेश घूमने के दौरान मिला आयडिया

डिज़ाइनर 29 वर्षीय पलक काबरा ने कहा कि यह स्टार्टअप शुरू करने का आइडिया उन्हें विदेश घूमने के दौरान तब मिला, जब उनके दोस्त की गंदी कार को इसी टेकनीक की मदद से वॉश किया गया। हम एक टनल में कार लेकर घुसे, और वहां बगैर कार से उतरे पानी, सोप, ब्रश और फिर पानी की मदद से मशीन ने कार वॉश कर दी। जिसके बाद हम 3 से 4 मिनिट में बाहर आ गए।

सेंट्रल इंडिया का पहला सिस्टम

नयन के अनुसार ये सिस्टम सेंट्रल इंडिया में पहली बार इंट्रोड्यूजस किया गया है। इसमें जापानी टेक्नोलॉजी वाली ऑटोमेटिक टनल कॉर वॉश मशीन लाई गई है, जो महज 2 से 5 मिनिट में कार वॉश कर उसकी वैक्युमिंग, लिक्विड वैक्स और ड्राय कर फिनिशिंग करती है। इसमें कार से उतरने की जरूरत नहीं। कार में बैठे-बैठे ही यह सारे काम मशीन बखूबी कर देगी। ये तकनीक कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनीज में फिनिशिंग टच देने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। अभी तक और सिर्फ मुंबई-चेन्नई में ही रिटेल कस्टमर्स के लिए उपलब्ध है। इसमें पांच से आठ ब्रश होते हैं, जो बहुत ही सॉफ्ट होते हैं, इससे कार में स्क्रेच नहीं होते, बल्कि वॉश के बाद उसकी फिनिशिंग बढ़ जाती है।

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