पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • सच को तो आप बस कहानी कर देंगे...

सच को तो आप बस कहानी कर देंगे...

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सिटी रिपोर्टर | इन ग़ज़लोंं में प्रेम के रंग थे तो इसकी सघन अनुभूतियों की नाज़ुक अभिव्यक्तियां भी थी। समाज के मसलों पर तंज करती बातें थी तो कहनेे का सादा और सरल अंद़ाज़ भी था। जनवादी लेखक संघ इकाई इंदौर के केंद्रीय अहिल्या लाइब्रेरी में किए गए इस रचना पाठ कार्यक्रम में देवास के दो ग़ज़लकारों विक्रम सिंह और मोईन खान ने अपनी ताज़ातरीन ग़ज़लें पढ़ीं। इन पर सदस्यों ने बातचीत भी की।

मोईन खान नेे ग़ज़ल पढ़ी कि राहे-मुश्किल में चल निकलता है/शख्स जो बाअमल निकलता है, मुफलिसी भी है, फाकाकशी भी/घर में रमजान सा हो गया है जबकि वरिष्ठ शायर विक्रम सिंह ने फरमाया कि सच को तो आप बस कहानी कर देंगे/ झूठ को आप सचबयानी कर देंगे, लिखा है या अंधेरा हैं रोशनी की ज़िया कम है/ दामन ही फटे हैं, रफूगरों ने सिया कम है।

समाज के मसलोंं से मुठभेड़ हैं ये ग़ज़लें

मोईन खान की ग़ज़लों पर प्रदीप कांत ने कहा कि इनमें प्रेम की सघन अनुभूतियां भी हैं तो समकाल की समस्याएं भी हैं। विक्रम सिंह ने कहा कि शायर रोमानियत के साथ समाज के मसलों से भी मुठभेड़ करता है। आनंद व्यास ने कहा कि इनमें सादगी और सरलता है। विक्रम सिंह गजलों पर पद्मा सिंह ने कहा ये मौजूदा हालत की अभिव्यक्ति हैं और इनका अनकहा भी आसानी से महसूसा जा सकता है। विभा दुबे और रामआसरे पांडेय ने कहा कि ये प्रासंगिक ग़ज़लें हैं। मुकेश इंदौरी ने इनकी भाषा की जटिलता की ओर इशारा किया। संचालन रजनी रमण शर्मा ने किया और आभार प्रदीप कांत ने माना।

खबरें और भी हैं...