आईआईटी में एडमिशन के लिए रविवार को शहर में जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस्ड हुई। शहर के छह सेंटर पर हुई परीक्षा में हजारों विद्यार्थी शामिल हुए। पहली बार कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) की तरह हुई इस परीक्षा में विद्यार्थियों को छह घंटे कम्प्यूटर के सामने बैठना पड़ा। हालांकि सुबह 9 से 12 बजे तक हुए पहले पेपर के बाद उन्हें दो घंटे का ब्रेक दिया गया। दूसरा पेपर दोपहर 2 से 5 बजे तक हुआ।
सेज यूनिवर्सिटी के परीक्षा केंद्र पर पहले पेपर के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से करीब 40 मिनट तक कम्प्यूटर बंद रहे। इस कारण विद्यार्थी परेशान होते रहे। हालांकि बाद में उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया। इसके चलते एक घंटे देरी तक परीक्षा चली। इससे बच्चों को लेने आए परिजनों को भी परेशान होना पड़ा।
लैब नंबर तीन में हुआ फॉल्ट
परीक्षा देने आए पार्थेश गुप्ता ने बताया कि पहला पेपर शुरू होने के करीब एक घंटे बाद कम्प्यूटर्स बंद हो गए थे। करीब 40 मिनट बाद सिस्टम शुरू हुए। हालांकि इस वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ। दूसरे पेपर का टाइम भी एक घंटा आगे बढ़ा दिया गया। 2 बजे शुरू होने वाला पेपर तीन बजे शुरू हुआ। लैब 3 में पेपर देने वाले अक्षय शर्मा ने बताया हमारे यहां भी कम्प्यूटर्स भी करीब 15 मिनट के लिए बंद हुए थे।
जनरेटर खराब होने से आई परेशानी : सेज यूनिवर्सिटी के परीक्षा प्रभारी प्रवीण गौतम का कहना है कि गर्मी के कारण जनरेटर खराब होने से 15-20 मिनट की परेशानी आई थी। बाद में दो जनरेटर बुला लिए थे। विद्यार्थियों का नुकसान नहीं हुआ।
पहले भी ऐसे ही परीक्षा होती थी, जवाब शीट पर देते थे
एक्सपर्ट भूपेंद्र भावसार के अनुसार पहला मौका था जब स्टूडेंट्स को इतने लंबे समय तक कम्प्यूटर के सामने बैठना पड़ा। कई स्टूडेंट्स ने आंखों में जलन होने की शिकायत भी की है। पिछले साल तक परीक्षा इसी तरह होती थी, लेकिन ओएमआर शीट पर जवाब देने होते थे।