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टेंडर निकले 9 महीने हो गए, 9 चौराहों पर चालू नहीं हो सके ट्रैफिक सिग्नल

3 वर्ष पहले
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शहर के व्यस्त नौ चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए नगर निगम ने टेंडर और वर्कऑर्डर ताे कर दिए, लेिकन लगे सिर्फ तीन ही चौराहों पर। नौ महीने बाद भी निगम अफसर चौराहे तय करने की उलझन में फंसे हैं तो दूसरी तरफ ठेका लेने वाली कंपनी इलेक्ट्रोएड्स फायदे में है, क्योंकि शर्तों के अनुसार उसे नौ की जगह सिर्फ तीन ही चौराहों पर सिग्नल मेंटेनेंस करना पड़ रहा है। निगम ने ये टेंडर अगस्त 2017 में किए थे। कंपनी को फूटी कोठी, चाणक्यपुरी, पत्रकार कॉलोनी, आनंद बाजार, एमआर-9 चौराहा, कालानीनगर, गोपुर चौराहा, चंदननगर और सीपीडब्ल्यूडी (पीपल्याहाना रोड) चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने थे। इनमें से सिर्फ सीपीडब्ल्यूडी चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल चालू हो सके, क्योंिक निगम ने सूची में थोड़ा फेरबदल कर दो नए चौराहे डीआरपी लाइन और लसूड़िया को शामिल कर दिया। कंपनी ने इन दोनों चौराहों पर भी सिग्नल लगा दिए। इसके बाद किसी चौराहे पर काम नहीं हुआ। फूटी कोठी चौराहे पर सिग्नल लगा दिए हैं, पर अभी चालू नहीं हुए हैं।

सिविल वर्क पूरा हो तो लगाएं सिग्नल

इलेक्ट्रोएड्स के डायरेक्टर प्रमोद आगले ने बताया कि नौ चौराहों पर जो सिग्नल का कान्ट्रैक्ट मिला था, उसमें निगम ने ही बदलाव कर नए चौराहे जोड़े और कुछ पुराने हटा दिए। निगम ने प्रस्तावित चौराहों पर सिविल वर्क भी पूरा नहीं किया। वह साइट क्लीयर करके दे तो ही सिग्नल लगाने का काम शुरू होगा।

पुलिस और निगम ने तय किए थे चौराहे
िपछले साल ट्रैफिक एएसपी प्रदीप सिंह चौहान और नगर निगम अफसरों ने उन चौराहों का मुआयना किया था, जहां सुबह और शाम पीक ऑवर्स में जाम लगता है। इसमें पत्रकार कॉलोनी, चाणक्यपुरी, आनंद बाजार, चंदन नगर जैसे चौराहे चिन्हित हुए। पत्रकार कॉलोनी चौराहे पर तो शाम के समय घंटों वाहन फंसे रहते हैं। चौराहा छोटा होने से भी परेशानी आती है। चाणक्यपुरी का भी ये ही हाल है।

बीआरटीएस सहित 54 चौराहों पर लगे हैं सिग्नल
शहर में 54 चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं। इनमंे बीआरटीएस पर 23 और अन्य मार्गों पर 31 सिग्नल हैं। 2007 से ट्रैफिक सिग्नलों की व्यवस्था संभाल रही इलेक्ट्रोएड्स कंपनी के पास ही बीआरटीएस के सिग्नल्स के मेंटेनेंस का काम है और उसे ही नौ चौराहों के सिग्नल लगाने का टेंडर भी मिल गया।

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