लता, आशा, गीता दत्त, शारदा, मुकेश और मन्नाडे द्वारा गाए गीतों की प्रस्तुति 26 मई को दी जाएगी। संस्था महफ़िल की ओर से यह कार्यक्रम कराया जा रहा है जिसमें डॉ. अल्पना आर्य और प्रोफेसर विवेक वाघोलीकर इन गायकों के यादगार गीत सुनाएंगे। संगीत संयोजन हेमेंद्र महावर का है। संस्था के मेहुल गांधी ने बताया - ये सभी वे आवाज़ें हैं जिन्होंने दुनिया को मौसीकी का बेशुमार ख़ज़ाना दिया है। इनके गाए गीत सुननेवालों पर आज भी वही असर करते हैं जो बरसों पहले करते थे। इन आवाज़ों की सुरीली फुहार सुननेवालों को तृप्त करें, इसी उद्देश्य से कार्यक्रम का शीर्षक \\\"फुहारें\\\' रखा है। कार्यक्रम 26 मई शाम 7.30 बजे से जाल सभागार में होगा। कार्यक्रम में आने के लिए प्रवेश पत्र ज़रूरी है।