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चार माह से 15-20 तारीख तक मिल रहा वेतन, शिकायत के बाद शिक्षक परेशान

3 वर्ष पहले
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शिक्षकों और अध्यापकों को लगातार चार महीने से देरी से वेतन मिल रहा है। इस महीने के सात दिन निकल चुके हैं और अभी तक वेतन के पते नहीं हैं। अभी तक जहां सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण तो इस महीने संकुल के बाबुओं द्वारा बिल जमा करने में देरी होना बता रहे हैं। इससे आक्रोशित शिक्षक कई दफा जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत कर चुके हैं। उसके बावजूद यह ढर्रा नहीं सुधर रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त जयश्री कियावत के हाल ही में वेतन संबंधी आदेश को भी इन दिनों स्थानीय अधिकारी हवा में उड़ा रहे हैं। इसके कारण परेशान शिक्षकों के हर माह जहां चेक बाउंस हो रहे हैं तो उन्हें इसके एवज में पेनल्टी भी भरना पड़ रही है। इस महीने के भी सात दिन गुजर चुके हैं, लेकिन वेतन नहीं आया है। शिक्षकों द्वारा ट्रेजरी कार्यालय में पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि पहले सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान होगा, उसके बाद इस महीने के वेतन के बिल लगाए जाएंगे। इससे परेशान शिक्षक अब मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताएंगे।

मई में मिलने वाला एरियर इस माह मिलेगा

शिक्षकों को सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान मई 2018 में ही कर दिया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों के कारण यह दो महीने लेट हो गया। अब इसे अगस्त के वेतन के साथ दिए जाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षक संघ बोला- जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई

मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजेंद्रकुमार आचार्य का कहना है पिछले चार महीने से समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। कभी 10 तो कभी 15 और 20 तारीख तक वेतन मिल रहा है। इसके संबंध में डीईओ को कई दफा ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक हल नहीं निकला है। इसमें लेटलतीफी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

संकुल के बाबू समय पर नहीं जमा कर रहे बिल, शिक्षकों की परेशानी बढ़ी

विकासखंड शिक्षा अधिकारी विजय शर्मा का कहना जुलाई और उसके पहले के महीनों में सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण वेतन निकलने में देरी हुई। इस महीने संकुल के बाबुओं द्वारा बिल समय से जमा नहीं किए गए। इससे वेतन निकलने में देरी हो रही है।

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