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टैक्स चोरी में व्यवसायी और माल खरीदने-बेचने में सहयोग करने वाले पर भी लग सकती है पेनल्टी

3 वर्ष पहले
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जीएसटी में पेनल्टी को लेकर 21 प्रावधान किए गए हैं। इसमें यह भी है कि यदि किसी व्यवसायी ने टैक्स चोरी की है और यह माल खरीदी-बेचने में किसी ने सहयोग किया है तो उस पर भी 25 हजार रुपए की पेनल्टी लग सकती है। यह जानकारी शुक्रवार को टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (टीपीए) द्वारा जीएसटी के पेनल्टी प्रावधान पर हुए सेमिनार में विशेषज्ञों ने दी। सेमिनार में वाणिज्यिक कर विभाग के जॉइंट कमिश्नर डॉ. आरके शर्मा ने ई-वे बिल की प्रक्रिया की जानकारी दी।

पेनल्टी के प्रावधान पर वरिष्ठ कर सलाहकार आरएस गोयल ने कहा- भले ही अभी इंटर स्टेट ई-वे बिल लागू हुआ है, लेकिन राज्य के अंदर भी माल परिवहन के लिए सामान्य बिल, बिल्टी की जरूरत रहती है। ऐसा नहीं पाए जाने पर माल पर देय टैक्स और इसके बराबर ही पेनल्टी लग सकती है। कार्यक्रम का संचालन संस्था के स्टेट टैक्स सचिव सीए जेपी सराफ द्वारा किया गया। संस्था के अध्यक्ष सीए विक्रम गुप्ते ने पेनल्टी के प्रावधान में एकरूपता की मांग की।

टीपीए के सेमिनार में विशेषज्ञों ने दी जीएसटी के नियमों की जानकारी

1. माल पर टैक्स नहीं दिया या कम दिया, इनपुट टैक्स रिबेट का गलत क्लेम लिया तो दस हजार की पेनल्टी या देय टैक्स की दस फीसदी राशि लगेगी।

2. टैक्स चोरी जानबूझकर करना पाया जाता है तो पेनल्टी दस हजार या अधिकतम देय टैक्स के बराबर लग सकती है।

ये हैं पेनल्टी के विविध प्रावधान
3. करमुक्त वस्तु का यदि नियम विरुद्ध परिवहन किया जा रहा है तो माल के मूल्य के 2 प्रतिशत या 5000 रुपए दोनों में से जो कम हो उतनी पेनल्टी देय होगी। यदि मालिक सामने नहीं आता है, तो माल के मूल्य के 5 प्रतिशत या 5000 रुपए दोनों में से जो कम हो, वह देय होगी।

4. यदि कोई व्यक्ति केंद्र या राज्य के जीएसटी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए समन पर नहीं आता है तो 25000 तक की पेनल्टी लगेगी।

6. पेनल्टी का भुगतान वाहन की डिटेंशन या जब्ती के सात दिन के भीतर नहीं किया जाता है तो ऐसी स्थिति में माल एवं वाहन को राजसात किए जाने के प्रावधान हैं। यदि तीन माह के भीतर टैक्स एवं पेनल्टी के बराबर फाइन जमा कर दिया जाता है तो ऐसे राजसात वाहन को निर्मुक्त (रिलीज) कर दिया जाएगा, नहीं तो वह नीलाम हो जाएगा।

5. जांच के दौरान माल को पकड़ा जाता है और यदि मालिक कर एवं पेनल्टी की राशि जमा करने नहीं आता है तो माल के मूल्य के बराबर पेनल्टी देय होगी।

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