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मेंटेनेंस, वेतन के लिए यूनिवर्सिटी ने मांगी सरकार से 63 करोड़ रु. की ब्लाॅक ग्रांट
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी ने राज्य शासन से इस बार 63 करोड़ रुपए की ब्लॉक ग्रांट मांगी है। अभी यूनिवर्सिटी को शासन से सालाना 6 करोड़ रुपए की ब्लॉक ग्रांट मिलती है। माना जा रहा है कि इस बार इसमें चार गुना तक बढ़ोतरी हो सकती है। शासन ने खुद भी ग्रांट को लेकर सकारात्मक रुख दिखाते हुए सभी स्टेट यूनिवर्सिटी से प्रस्ताव मांगा था।
कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार धाकड़ के मुताबिक 25 साल से ग्रांट नहीं बढ़ी है, जबकि खर्च में बेतहाशा बढ़े हैं। सबसे ज्यादा राशि कर्मचारियों- शिक्षकों के वेतन पर खर्च हो रही है। ऐसे में ग्रांट नहीं बढ़ने से यूनिवर्सिटी को आने वाले दिनों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
10 करोड़ रुपए सालाना खर्च होते हैं सिर्फ भवनों के रखरखाव पर ही
उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से यूनिवर्सिटी को यह ग्रांट वेतन और मेंटेनेंस के लिए दी जाती है। यूनिवर्सिटी के पास नालंदा कैंपस में ही चार और तक्षशिला कैंपस में 35 भवन हैं। इसके अलावा 11 होस्टल, कुलपति-रजिस्ट्रार के बंगले, गेस्ट हाउस और कर्मचारियों के 50 से ज्यादा क्वार्टर हैं। इनके रखरखाव पर ही सालाना 10 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। ऐसे में ब्लॉक ग्रांट नहीं बढ़ने की स्थिति में यूनिवर्सिटी का बजट का घाटा बढ़ने की आशंका है।
253 करोड़ का कुल बजट है डीएवीवी का
06 करोड़ रुपए घाटे का है बजट
25 फीसदी से ज्यादा राशि सिर्फ वेतन पर होती है खर्च
171 फैकल्टी की नियुक्ति और 100 कर्मचारियों के नियमितीकरण से सालाना 8 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा
15 बड़े प्रोजेक्ट बजट की कमी के कारण अधूरे पड़े हैं
63 करोड़ का प्रस्ताव भेजा, उम्मीद है राशि बढ़ेगी