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हादसे रोकने को देश में पहली बार शहर सीमा में घटाई वाहनों की स्पीड

3 वर्ष पहले
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कार व अन्य बड़े यात्री वाहनों की एक्सप्रेस-वे और बड़े हाई-वे पर अधिकतम रफ्तार को पहले से बढ़ाया गया है। वहीं सभी वाहनों की शहर व अन्य सड़कों पर रफ्तार को कम किया गया है। कारों की पहले जहां अधिकतम रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा थी, उसे एक्सप्रेस-वे पर 120 कर दी गई है। फोर लेन या ज्यादा की सड़कों पर इसे 100 ही रखा है। शहरी और अन्य मार्गों पर इसे घटाकर 70 किमी प्रति घंटा किया गया है। 9 सीटर से ज्यादा की निजी गाड़ियों में पहले जहां अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटा थी, उसे बढ़ाकर एक्सप्रेस-वे पर 100 और फोर-लेन व अधिक पर 90 कर दिया है। शहरी और अन्य मार्गों पर इनकी गति को घटाकर 60 किमी प्रति घंटा किया गया है।

शहरी सीमा में कार की अधिकतम गति अब 100 के बजाय 70 कर दी गई, वहीं एक्सप्रेस-वे पर रहेगी 120

परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस नए नियमों से करेगी कार्रवाई

इंदौर | सड़क हादसे रोकने के लिए देश में पहली बार एक्सप्रेस-वे से लेकर शहरी, ग्रामीण सड़कों तक पर चलने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग अधिकतम गति सीमा तय की गई है। यह बाइक, बस, ट्रकों के लिए अलग-अलग है। अच्छी बात यह है कि सभी तरह के वाहनों की शहरी और अन्य छोटे मार्गों पर अधिकतम गति कम कर दी है। अब परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस इस हिसाब से ही कार्रवाई करेगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया है। पहले अलग-अलग वाहनों के लिए सभी स्थानों पर एक जैसी अधिकतम गति तय थी। हालांकि अब तक प्रशासन शहर में किसी भी रूट पर वाहनों की स्पीड और कम तय करता रहा है।

अलग-अलग सड़कों के लिए बाइक से लेकर ट्रक तक की अधिकतम स्पीड

वाहन एक्सप्रेस फोर या इससे नगरीय सीमा अन्य मार्ग अब तक

-वे अधिक लेन के अंदर के मार्ग लागू गति

ड्राइवर प्लस 8 सीटर 120 100 70 70 100

ड्राइवर प्लस 9 या ज्यादा सीटर 100 90 60 60 80

माल वाहन 80 80 60 60 80

मोटर साइकिल 80 80 60 60 80

चौपहिया साइकिल - 60 50 50 70

तिपहिया यान - 50 50 50 60

रफ्तार पर नियंत्रण से हादसे होंगे कम, कार्रवाई के लिए जल्द आएंगे संसाधन

आरटीओ जितेंद्र रघुवंशी के मुताबिक, नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग जल्द ही प्रदेश स्तर पर स्पीड गन डिवाइस से जांच करेगा। उपकरण जल्द विभाग लेकर सभी कार्यालय को देने की तैयारी कर रहा है। इसमें ट्रैफिक पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।

हाईवे पर बढ़ाई कार और अन्य बड़े यात्री वाहनों की रफ्तार

बसों पर स्पीड गवर्नर की तय रफ्तार ही लागू

यात्री वाहनों के लिए जो अधिकतम गति तय की गई है, वह सिर्फ निजी वाहनों पर लागू होगी। कमर्शियल यात्री वाहन जैसे बसों के लिए पूर्व में लागू अधिकतम गति ही लागू रहेगी, ऐसे वाहनों में स्पीड गवर्नर भी लगाए जाते हैं, जिसमें यात्री बसों के लिए 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तय है। स्कूल बसों के लिए 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार है। इसे प्रदेश में 40 किमी किया जा रहा है।

स्पीड नापने की व्यवस्था नहीं

नियमों का पालन कराने के लिए परिवहन और ट्रैफिक पुलिस के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। गति नापने के लिए प्रदेश में परिवहन विभाग के पास एक भी स्पीड गन नहीं है। ऐसी स्थिति में अधिकारी चाहकर भी कार्रवाई नहीं कर सकेंगे।

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