कजलाना, भांग्या, माचला व रावत सहित आठ गांव 20 को घोषित होंगे धुआं रहित
केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत जिले में 27300 रसोई गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अधिकांश कनेक्शन गांव में दिए जा रहे हैं। गैस कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत अब जिले के आठ गांव पूरी तरह से चूल्हा मुक्त होकर धुआं रहित घोषित होने जा रहे हैं। इसमें रावत, चितौड़ा, कुमारी, भांग्या, बारोडिया एमा, लखमन खेड़ी, कजलाना और माचला गांव शामिल हैं। यहां के 12456 लोगों को चयनित कर रसोई गैस कनेक्शन दिए जाने की मुहिम शुरू की गई थी, जो अब समाप्ति की ओर है। 20 अप्रैल को उज्ज्वला दिवस पर ये आठ गांव धुआं रहित घोषित हो जाएंगे। जिले में कुल 30 गांवों को इस योजना में शामिल कर पूरी तरह से धुआं रहित करने की कवायद की जा रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जिला नोडल अधिकारी निलेश व्यास ने बताया कि 70 घरेलू गैस वितरकों के जरिए यह मुहिम चल रही है। इंदौर की वर्ष 2011 की जनगणना के तहत कुल 1 लाख 50 हजार लोग सूचीबद्ध थे, लेकिन अधिकांश ने पहले से ही गैस कनेक्शन ले लिए। केवल 37580 लोगों के ही आवेदन कनेक्शन के लिए आए थे, इसमें से भी कई अपात्र निकले हैं।
उज्ज्वला योजना के तहत जिले में 27300 कनेक्शन बांटे, 30 अन्य गांवों को भी धुआं मुक्त बनाने की कवायद
अब छह सिलेंडर तक नहीं कटेगी किस्त : योजना के तहत कनेक्शन के लिए 3200 रुपए लगते हैं। इसमें से 1600 रुपए का अनुदान सरकार दे रही है और 1600 रुपए कनेक्शन लेने वाले को देना है। कनेक्शन लेने वाले के लिए यह प्रावधान था कि उन्हें सिलेंडर के पूरे दाम देने होते थे। कैश सब्सिडी की राशि इस 1600 रुपए के लोन चुकाने के एवज में किस्त में समायोजित होती थी, लेकिन अब 1 अप्रैल से यह प्रावधान किया गया है कि पहले छह रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी तो खाते मेंं आएगी और सातवीं से लोन िकस्त चुकेगी।