इंदौर | राजभवन के निर्देश और गाइडलाइन के बाद भी डीएवीवी कार्यपरिषद सदस्यों को अलग-अलग कमेटियों में जगह दे रही। इसका अंदाजा इसी से लग सकता है कि राजभवन नॉमिनी ज्यादातर सदस्य किसी न किसी कमेटी में रहे हैं या आना चाहते हैं। हाल में हुई कार्यपरिषद की बैठक में एडमिशन सेल बनाने का निर्णय हुआ। इसकी गाइड लाइन तय करने के लिए जो कमेटी बनी, उसमें भी सदस्य आलोक डाबर को लिया गया। इससे पहले सुगनी देवी कॉलेज की व्यवस्था को लेकर बनी कमेटी में भी चंद्रशेखर रायकवार और रागिनी मक्खर बतौर सदस्य शामिल किए गए। अन्य सदस्य अलग-अलग कमेटी का हिस्सा बने। कुछ सदस्य तो तीन से चार कमेटियों में हैं। एक साल में कार्यकाल पूरा करने वाले ज्यादातर सदस्य भी किसी न किसी कमेटी में रहे हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी पर भी सवाल उठ रहे हैं।