आईआईटी दिल्ली में पढ़ रहे इंदौर के आयुष सोमानी बता रहे हैं जेईई में सक्सेस की अपनी स्ट्रेटजी
सिटी रिपोर्टर | इंदौर
मैंने एग्ज़ाम से पहले के तीन दिन कुछ भी नया नहीं पढ़ा। केमिस्ट्री स्ट्राॅन्ग थी इसलिए ऑर्गेनिक-इनऑर्गेनिक को सिर्फ रिवाइज़ किया। आखिरी दिन सभी फॉर्मूला रिवाइज़ किए। एग्ज़ाम डे पर पर पेपर सॉल्व करने से पहले मैंने उसकी स्ट्रेटजी बनाई। इसके लिए 5-7 मिनट खर्च करना कोई नुकसान नहीं। पहले मैंने केमिस्ट्री पोर्शन खत्म किया। फिर हर पोर्शन के सभी आसान प्रश्न हल किए। कठिन सवालों को मैंने सबसे आखिरी के लिए रखा। इस तरह मॉरल डाउन नहीं हुआ जो परीक्षा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात है। शांत दिमाग कठिन प्रश्नों में जोखिम लेने में मदद करता है। एक बात और ध्यान रखना चाहिए कि यदि आपको पेपर कठिन लग रहा है तो ये सभी के लिए मुश्किल होगा। ये मानसिकता आपको परीक्षा के दौरान कई मुश्किलों से बचाएगी।
इनॉर्गेनिक एनसीईआरटी से और ऑर्गेनिक अपने नोट्स से रिवाइज़ की
कुछ भी नया नहीं पढ़ा। इनॉर्गेनिक केमिस्ट्री में जो भी याद करने वाले टॉपिक हैं उन्हें एनसीईआरटी से तैयार किया। ऑर्गेनिक केमेस्ट्री अपने बनाए नोट्स से रिवाइज़ किए। जनरल ऑर्गेनिक केमिस्ट्री और रिएक्शन इंटरमीडिएट पर ज़्यादा ध्यान दिया। फिजिकल केमिस्ट्री में केमिकल और आयनिक इक्विलिब्रियम, इलेक्ट्रो केमिस्ट्री के फॉर्मूले रिवाइज किए। मैथ्स में कोऑर्डिनेट ज्यॉमेट्री, वेक्टर, प्रॉबेबिलिटी स्कोरिंग होता है। उसके फॉर्मूले ध्यान से देखे। फिजिक्स में इलेक्ट्रोस्टैटिक, मॉडर्न फिजिक्स और थर्मो के फॉर्मूले देखे। ये टॉपिक्स स्कोरिंग और ईज़ी भी हैं। सिली और कैल्कुलेशन की मिस्टेक्स से बचें।
मन शांत रखें। इससे आप ज़्यादा से ज़्यादा चीज़ें कवर कर पाएंगे। एक रात पहले भरपूर नींद लें। टेस्ट पेपर सॉल्व न करें। वीक टॉपिक्स के फॉर्मूले देखकर जाएं। घबराएं नहीं, बढ़िया ब्रेकफस्ट करें। और अपनी तैयारी पर कॉन्फिडेंस रखें।