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इंदौर के कोकजे नए अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष; तोगड़िया ने विहिप छोड़ी

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | नई दिल्ली/इंदौर

करीब तीन दशक से विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में हिंदुत्व का उग्र चेहरा रहे डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने संगठन से नाता तोड़ लिया। अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए शनिवार को हुए चुनाव में इंदौर के रहने वाले और हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल विष्णु सदाशिव कोकजे जीते। तोगड़िया समर्थित राघव रेड्‌डी हार गए। 54 साल में पहली बार वोटिंग से विहिप का अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। नतीजे पर तोगड़िया ने कहा कि वह विहिप में नहीं हैं। वे अब मंगलवार से अनिश्चितकालीन उपवास करेंगे। कोकजे का जन्म 6 सितंबर 1939 को कुक्षी में हुआ। उन्होंने इंदौर में जीएसीसी से वकालत की। वे यहां लॉ की पहली बैच के छात्र थे। 1964 में वकालत शुरू करने के बाद वे इंदौर में रहने लगे। वे मप्र व राजस्थान हाईकोर्ट के जज रहे। शेष| पेज 8 पर







उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निंदा करने के चलते तोगड़िया से संघ और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व नाराज था। सूत्रों का दावा है कि विहिप से उनका प्रभाव खत्म करने के लिए ही चुनाव करवाया गया था।



सहमति नहीं बनने के चलते करवाया मतदान:

तोगड़िया समर्थक और विरोधी धड़ों के बीच नए अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पर सहमति नहीं बनने के चलते चुनाव करवाना पड़ा। गुड़गांव में शनिवार सुबह 11.00 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ। राष्ट्रीय कार्यकारिणी से जुड़े 192 सदस्यों ने वोट डाले। दोपहर 1.00 बजे मतदान खत्म होते ही मतगणना हुई। कोकजे को 131 और प्रतिद्वंद्वी रेड्‌डी को 60 वोट मिले। एक वोट रद्द हो गया। जीत की घोषणा होते ही डाॅ. तोगड़िया बाहर चले गए।

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वीएस कोकजे

कोकजे बोले- तोगड़िया पुराने ढर्रे पर चल रहे थे, उन्हें समझाया पर नहीं माने

दिनेश जोशी | अध्यक्ष चुने जाने के बाद कोकजे ने भास्कर से कहा कि तोगड़िया के साथ कोई विवाद नहीं है। सालों से वे और उनकी टीम पुराने ढर्रे पर ही काम कर रही थी। इसे बदलना जरूरी था। उन्हें समझाया गया और मनाया भी गया, लेकिन वे नहीं माने। इसी वजह से चुनाव करवाना पड़ा। भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कहा कि तीन दिन में सालभर के कार्यों का ब्लू प्रिंट तैयार करूंगा। देशभर में दौरे भी करूंगा। 17 को इंदौर आ रहा हूं। हम कुछ खास बिंदुओं पर काम करेंगे। ज्यादा जोर इस बात पर होगा कि विहिप को पुराने ढर्रे से बाहर लाया जाएगा।





, मंदिर के लिए कोर्ट के फैसले का इंतजार



ये भी कहा कोकजे ने

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- विहिप के मुख्य मुद्दों को दमदारी से उचित फोरम पर रखने का प्रयास करेंगे।

- हिंदुओं से जुड़े तमाम मुद्दों पर पॉलिसी बनाएंगे। इसके लिए विहिप के नेताओं का सहयोग लेंगे।

हिंदू समाज की सुरक्षा बड़ा मुद्दा

कोकजे ने कहा कि हिंदू समाज की सुरक्षा अहम मुद्दा है। हम लोगों को एकजुट और संगठित करने का काम करेंगे। राम मंदिर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए फैसले का इंतजार है। विहिप अपना जनजागरण अभियान भी जारी रखेगा। संयुक्त परिवार खत्म हो रहे हैं, इसे रोकने के लिए प्रयास करेंगे।

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