विद्याधाम में चल रही भागवत कथा में जयघोष लगाते श्रद्धालु।
भास्कर संवाददाता | इंदौर
धर्म स्वयं के कल्याण के लिए नहीं, परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए भी होना चाहिए। भगवान गृह-नक्षत्र या तिथि-मुहूर्त नहीं देखते, उनके पास तो कृपा वृष्टि करने का कारण न हो तो भी भक्तों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, फिर हम भक्ति के लिए मुहूर्त क्यों देखते हैं।
यह बात भागवताचार्य पं. राहुलकृष्ण शास्त्री ने विद्याधाम पर पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित भागवत कथा में कही। साथ ही 125 विद्वानों द्वारा प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 12 व दोपहर 3 से शाम 7 बजे तक भागवत पारायण भी किया जा रहा है। पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, डॉ. लोकेश जोशी, सुनील भंडारी, सत्यनारायण प्रजापत, राजेंद्र अग्रवाल आदि ने व्यासपीठ का पूजन किया।
सनातनी नियमों का पालन भी जरूरी- कई लोग भक्ति तो करते हैं, लेकिन धार्मिक नियमों का अनुसरण नहीं करते। इस कारण वे धार्मिक चमत्कारिक प्रभावों को नहीं देख पाते। यह बात डॉ. गिरीशानंद महाराज ने नगीन नगर में आयोजित प्रवचन शृंखला में कही। व्याख्यान प्रतिदिन रात 8 से 9 बजे तक चल रहे हैं। शंकराचार्य भक्त मंडल के बालकृष्ण चौकसे, मनोज चौधरी और राजेश शर्मा ने रामायण ग्रंथ का पूजन किया।