विवादित तुलसी नगर फिर भू-माफिया की भेंट चढ़ने लगा है। दो दिन पहले तुलसी नगर के नाले का लगभग 500 मीटर हिस्सा अवैध कब्जे के लिए मिट्टी से पाट दिया गया। वहां लगा सरकारी बोर्ड भी गायब कर दिया गया। यह काम किसने किया, पता नहीं चला है। सहकारिता विभाग के उपायुक्त के पाटनकर ने कलेक्टर को अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र लिखा है।
मां सरस्वती नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था की कॉलोनी तुलसी नगर में सरकारी जांच में लगभग पौने तीन एकड़ सरकारी जमीन पर भू-माफिया ने प्लाॅट काट दिए हैं। तत्कालीन संभागायुक्त संजय दुबे को मिली शिकायत के बाद वहां जांच करने पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का खुलासा हुआ था, तब वहां के नाले पर जिला प्रशासन ने ‘यह सरकारी जमीन है’ लिखा हुआ बोर्ड लगाया था। वर्तमान में सरस्वती नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था भंग है। उस पर सहकारिता विभाग का प्रशासक काबिज है। दो दिन पहले आॅडिट आॅफिसर और संस्था के प्रशासक जीएस परिहार को सूचना मिली थी कि तुलसी नगर में नाले का काफी हिस्सा गायब है। परिहार ने जब वहां देखा तो पाया कि लगभग 150 से 200 डंपर मिट्टी से नाले का यह हिस्सा भर दिया गया। प्रशासक ने आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि रातोरात मिट्टी डाल कर यह हिस्सा भरा गया है। प्रशासक परिहार ने पंचनामा बना कर उपायुक्त सहकारिता के समक्ष पेश कर दिया।