4 मई तक सरकारी एजेंसियों ने 7.9 लाख टन चने की खरीदी की है। उत्पादक सेंटरों पर आवक कम होने के बावजूद भावों में स्थिरता रही। देश चने का पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है। मानसून सीजन में डंक लगने की आशंका से बेचवाली का दबाव बढ़ सकता है। सरकारी एजेंसियों के मप्र 3.3 लाख टन, तेलंगाना में 50 हजार टन, कर्नाटक 1.27 लाख टन, आंध्र 77 हजार टन, महाराष्ट्र 50 हजार, राजस्थान 1.50 लाख टन और गुजरात में 1197 टन की खरीदी की है।
पिछले 8 से 10 दिन में मप्र में किसानों की एक तरफा बेचवाली सरकारी एजेंसियों को होने से खरीदी का आंकड़ा बढ़ जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बीटू काबली 60 डॉलर घटकर 550 डॉलर एवं होल्लन 540 डॉलर प्रति टन सीएंडएफ के भाव बोले जा रहे थे। महाराष्ट्र में इस वर्ष चने की बोवनी मप्र के बाद सर्वाधिक हुई है। अत: आवक का दबाव अगले कई दिनों तक बने रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मप्र की अपेक्षा महाराष्ट्र में चने के भाव कम है। सरकारी एजेंसियां धीमी गति से खरीदी कर रही है।
डॉलर की आवक
डबल-डॉलर की आवक इंदौर एवं निमाड़ क्षेत्र में अधिक मात्रा में हो रही है। इंदौर मंडी में नीलामी में 4200 से 4500 रुपए ऊपर में 4600 से 5000 रु.। कंटेनरों में 42X44- 5850 रु. 44X46- 5650 रु. 58X60- 4650 रु. 60X62- 4550 रु. एवं 62X64- 4450 रु. बिका। ग्राहकी साधारण है। भाव लगभग स्थिर रहे। इंदौर में आवक कम होने से आंशिक मजबूती रही। ऊपरी भावों पर चने में मांग का अभाव बना रहा।
चना दाल में मांग एकदम ठंडी होने से दाल मिलों की लेवाली का समर्थन भी नहीं मिल रहा है। महाराष्ट्र में तुअर की खरीदी बंद होने के साथ दाल में मांग कमजोर बनी रहने से भावों में धीमी गति से गिरावट आती जा रही है। चना कांटा 3650 से 3675 देशी 3600 तुअर मप्र 3800 सेे 3850 महाराष्ट्र 4150 लाल 4250 मसूर 3450 से 3475 मीडियम 3200 मूंग 4500 से 4800 नया 5000 से 5300 उड़द 2500 से 3000 बेस्ट 3200 से 3600 रुपए।