10 गुना चुनौती पर भी खरे हम, इंदौर फिर नं.1
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सफाई का यह मुस्कुराता पहिया दिन-रात घूमता है
शहर में सफाई का सिलसिला 24 घंटे चलता रहता है। सुबह लाखों महिलाएं गीला-सूखा कचरा अलग कर निगम को देती हैं। वहीं, निगम कर्मचारी रात 10 से सुबह छह बजे तक सड़कों से तिनका-तिनका कचरा उठाकर शहर को चमकाते हैं। तस्वीर रात डेढ़ बजे रेसकोर्स रोड की । यहां स्वीडन से आई 7.5 करोड़ की ब्रॉड-वे मशीन सड़क की सफाई कर रही है। 8 घंटे में 200 किमी सफाई करने वाली एेसी 12 मशीनें रोज सड़कों पर उतरती हैं।
इंदौर, गुरुवार, 17 मई , 2018
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अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष-2, 2075

दुकानदार : दुकानदार/व्यवसायी दुकानों का कचरा निकालकर शाम को होने वाली सफाई के दौरान गाड़ियों को देते हंै या लिटरबिन में डालते हैं।
पिछली बार होड़ में जोश से जीते

महिलाएं : 6.50 लाख महिलाएं रोज घर से गीला-सूखा कचरा अलग-अलग कर निगम को देती हैं। थर्ड बिन में हाइजेनिक कचरा अलग से देती हैं।
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सफाईकर्मी : शहर में रात 10 से सुबह 6 बजे तक सफाई होती है। 170 कचरा कलेक्शन गाड़ियां कचरे को इकट्ठा कर ट्रांसफर स्टेशन ले जाती हंै।
12 राज्य | 66 संस्करण
कंटेंट | हरिनारायण शर्मा
फोटो | आेपी सोनी