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मरका में चौबीस घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं

3 वर्ष पहले
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मरका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सहायक चिकित्सा अधिकारी द्वारा मुख्यालय में नहीं रहने व छोटे कर्मचारियों पर मुख्यालय में रहने का दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारी कर्मचारियों की गुटीय तनाव में क्षेत्र के मरीजों को अस्पताल की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

मरका अस्पताल में चौबीसों घंटे मरीजों को आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा शुरू की गई है। यहां पदस्थ सहायक चिकित्सा अधिकारी दिन में तो अपनी सेवाएं देते हैं, परंतु शाम को 7-8 बजते ही मुख्यालय से गायब हो जाते हैं। इसके बाद की पूरी जवाबदारी स्टाफ के दूसरे कर्मचारी निभाते हैं। यही कारण है कि मरका अस्पताल के स्टाफ में विरोध के स्वर उभरने लगा है। यहां पर महिला सहायक चिकित्सा अधिकारी की पहले से नियुक्ति है। परंतु उसके अवकाश में जाने के कारण सहायक चिकित्सा अधिकारी की अस्थाई नियुक्ति की गई है।

चिकित्सा अधिकारी का विवादों से नाता, जांच के नाम पर खानापूर्ति

यहां पदस्थ सहायक चिकित्सा अधिकारी का विवादों से पुराना नाता है। पूर्व में भी गंभीर आरोप और शिकायतें हो चुकी हैं। इसे देखते हुए तत्कालीन कलेक्टर ने आरोपों की जांच के लिए एक टीम गठित कर इनका स्थानांतरण कर दिया था। जबकि व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर उसी स्थान में उनकी पुनर्नियुक्ति अस्पताल के शांत वातावरण को अशांत कर सकता है। इसे लेकर विरोध हो रहा है।

सहा. चिकित्सा अधिकारी मुख्यालय में नहीं रहते हैं तो कार्रवाई होगी

समय-समय पर मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के क्रियाकलापों की माॅनिटरिंग की जाती है। यदि मरका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सहायक चिकित्सा अधिकारी मुख्यालय में नहीं रहते हैं तो जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। डाॅ अखिलेश त्रिपाठी, सीएमएचओ, कवर्धा

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