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डॉक्टर को ट्रेनिंग दी, फिर भी सोनोग्राफी सेंटर में सप्ताह में तीन दिन लगा रहता है ताला, दर्द के बावजूद लौटती हैं गर्भवती महिलाएं

3 वर्ष पहले
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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में प्रसूताओं के साथ मरीजों के उदर रोगों की जांच के लिए सोनाेग्राफी मशीन है। एक डॉक्टर को ट्रेनिंग दी। फिर भी सप्ताह के तीन दिन सोनाग्राफी सेंटर पर ताला लगा रहता है। तीन दिन तक प्रसूताओं और मरीजों को लाइन में खड़े होकर सोनोग्राफी, जांच करानी पड़ती है। नियमित सोनोग्राफी नहीं होने का मुख्य कारण सोनोलॉजिस्ट की कमी है। सोनोलॉजिस्ट डॉ. डीजे ब्रह्मचारी सरकारी अस्पताल में हैं। सप्ताह में तीन दिन उन्हें जिला अस्पताल में अटैच किया है। सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को होशंगाबाद जिला अस्पताल और मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को इटारसी अस्पताल में सोनोग्राफी होती है। स्वास्थ्य विभाग ने 4 महीने पहले इटारसी अस्पताल में पदस्थ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. विजया टिकरया को सोनोग्राफी का प्रशिक्षण भी दिलाया। लेकिन उन्हें सोनोग्राफी के लिए नियुक्त नहीं किया। इसी कारण पूरे सप्ताह सोनोग्राफी नहीं हो रही।

अस्पताल में एक सोनोलॉजिस्ट, तीन दिन होशंगाबाद में और तीन दिन इटारसी अस्पताल में करते हैं सोनोग्राफी

अफसरों को भेजा है पत्र

सोनाेग्राफी की सुविधा दिलाने डॉ. विजया टिकरया की नियुक्ति के संबंध अधिकारियों को पत्र भेजा है। स्वीकृति आने पर सोनोग्राफी के लिए डॉ. टिकरया को प्रभार दे दिया जाएगा। - डॉ. एके शिवानी, अस्पताल अधीक्षक इटारसी

गांवों तक से सोनाग्राफी कराने आती हैं मरीज

इटारसी तहसील में एकमात्र सोनोग्राफी मशीन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सरकारी अस्पताल में है। यहां शहर के अलावा डोलरिया, केसला व होशंगाबाद ब्लॉक तक के गांवों से गर्भवती महिलाएं व मरीज सोनोग्राफी कराने आते हैं। उन्हें सोनोग्राफी कराने के लिए लाइन में खड़े रहना पड़ता है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।

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