इटारसी| कलयुग में परमात्मा का साक्षात्कार उसी जीवात्मा को प्राप्त होता है, जो पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ उनकी भक्ति करते है। यह उद्गार पं. नीरज महाराज ने रैसलपुर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा समारोह में व्यक्त किए। कथा वाचक ने कहा संसार में सुख और दुख की घड़ियां आती-जाती रहती हैं। इसके कारण हम अपनी दैनिक क्रियाओं को रोक नहीं सकते तो फिर थोड़े से दुख की घड़ी में भगवान के भजन को क्यों रोके। जो भी मनुष्य सुख-दुख की बाधाओं की चिंता किये बगैर भगवान की भक्ति करता है। परमात्मा की असीम अनुकंपा उन्हें ही प्राप्त होती हैं। कथास्थल पर 22 मई को महाआरती एवं भंडारा होगा।