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नदी किनारे 25 से ज्य

3 वर्ष पहले
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जुझारपुर गांव में फारेस्ट.......

कथित माफिया के घर के सामने टीम के रुकते ही 10 से ज्यादा लोगों ने तलवार और लाठियों से अंधाधुंध हमला कर दिया। डिप्टी रेंजर अजय श्रीवास्तव के सिर पर डंडे से वार किया। एडिशनल डीएफओ डीके वासनिक को भी घेर लिया। उनके वाहन के बोनट पर तलवार मारी और लाठियां से कांच फोड़ दिया।

प्रशिक्षु अाईपीएस अमित कुमार और एसडीओपी अनिल शर्मा पथरौटा, केसला व इटारसी थाने का पुलिस बल लेकर जुझारपुर गांव पहुंचे तब तक हमलावर भाग चुके थे। घरों के दरवाजे बंद थे। गली में वाहनाें के टूटे कांच पड़े थे। पूछताछ के लिए पांच लोगों को हिरासत में लिया। डिप्टी रेेंजर अजय श्रीवास्तव, वनरक्षक हेमराज राजपूत और सौरव मित्रा को इटारसी के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया है। दबिश की सूचना लीक न हो इसलिए वनकर्मियों के मोबाइल अधिकारियों ने अपने कब्जे में ले रखे थे। इनके पास बचाव के साधन भी नहीं थे।


नदी किनारे 25 से ज्यादा गांव बसे हैं। इन गांवों के किसान गेहूं कटाई के बाद गर्मी में मूंग बो देते हैं। गर्मी में मूंग बोने वाले 90 फीसदी किसानों के पास सिंचाई के निजी साधन नहीं हैं। ऐसे किसान अजनाल नदी में मोटर लगाकर सिंचाई करते हैं। इससे शहर में पानी का संकट बढ़ता है। बीते साल बारिश भी कम हुई थी। इस साल पानी की किल्लत की ज्यादा आशंका है।

नपा ने अजनाल नदी में चिन्हित जगहों और स्टापडेम के पास 8 जगह सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं, ताकि नदी से पानी चोरी पर निगरानी रखी जा सके। वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। इसके अलावा स्टापडेम के पास तीन चौकीदार तैनात किए हैं। वे 8-8 घंटे निगरानी करते हैं।

-सारी कवायद इसलिए स्टापडेम में पानी की निकासी के लिए लोहे प्लेट लगी हैं। नपा गर्मी शुरू होने से पहले इन्हें बंद कर देती है। पिछले दो साल में मूंग बोने वाले किसानों प्लेट तोड़कर पानी आगे जाने से शहर में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई। नपा को कुकरावद से नाली बनाकर पानी लाना पड़ा था। नपा ने इस साल लोहे की प्लेट में वेल्डिंग करा दी और तीन शिफ्टों में कर्मचारियों से निगरानी करा रही है। कर्मचारी कंट्रोल रूम में सीसीटीवी से हर पाइंट की लोकेशन देखते हैं। जिससे नदी से कोई पानी नहीं चुरा सके। अभी नदी से सामान्य सीजन की तरह रोज 30 लाख लीटर पानी मिल रहा है। डेम से पानी छोड़े जाने से भी नदी में जल स्तर ठीक है।

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