पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • बंपर पैदावार, मंडियों में तुलाई कार्य जोरों पर, भुगतान भी समय सीमा में

बंपर पैदावार, मंडियों में तुलाई कार्य जोरों पर, भुगतान भी समय सीमा में

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
संभाग की मंडियों में गेहूं की भरपूर आवक चल रही है। पैदावार अच्छी हुई है। ग्राम रतवाड़ा के कृषक सुहाग राजपूत ने बताया गेहूं 18 से 20 गुना तक निकल रहा है और भाव भी संतोषजनक है। सिवनी मालवा कृषि उपज मंडी में लगभग सवा लाख क्विंटल गेहूं की तुलाई हो चुकी है। मंडी अध्यक्ष रामेश्वर पटेल ने बताया गेहूं की खरीदी बहुत सुचारू हो रही है किसानों को भुगतान भी समय पर हो रहा है। चना दाल, तुअर दाल में ग्राहकी कमजोर होने से मंदी है। चने में समर्थन मूल्य पर खरीदी के पहले हाजर बाजारों में लेवाली का समर्थन नहीं बन पाने से लगातार मंदी की स्थिति बनी हुई है। दाल में कमजोर उठाव के चलते दबाव है। तुअर में बाहरी और लोकल में भी बिकवाली से मंदी का वातावरण बना है किंतु आगामी दिनों में घरों में साल भर के लिए गेहूं चावल दालों का स्टाक रखने वालों की मांग निकलने के कारण खरीददारी जोरों पर होगी जिससे बाजारों में दालों का उठाव प्रारंभ हो जाएगा। वर्तमान में अभी किसानों को चना बिकने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है जबकि किसान परिवारों में शादी-विवाह हंै ऐसी स्थिति में मंडियों में कम भाव पर चना पड़ रहा है दूसरी और चना छानकर लाने वाली शर्त भी किसानों को परेशान कर रही है। जबकि वायदे में इतनी मंदी नहीं आई। जितनी हाजर भावों में आ गई। दलहन व्यवसायी राहुल ट्रेडर्स के संचालक ने बताया दलहन आयात को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से दलहन आयात में तो कभी आई है लेकिन भाव में सुधार नहीं हुआ। किसानों को मजबूरी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे भाव पर दलहन बेचनी पड़ रही है। व्यापारी वर्ग को इस भाव पर चना नहीं मिल पाने से परेशान हैं। वर्तमान में सोया तेल में भी उठाव कमजोर चल रहा है एवं मंदी का रुख चल रहा है। प्लांटों के पास कमजोर लेवाली से भाव नीचे होने से खाद्य तेलों में मंदी का रुख बढ़ता जा रहा है। कामकाज की कुल मात्रा भी काफी कमजोर है इस स्थिति में प्लांटों के पास नई सोयाबीन खरीदी से पहले भी भाव कम करना मजबूरी होती जा रही है। प्लांट संचालकों ने बताया कि सोयाबीन के ट्रेड में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। क्योंकि अब बायो डीजल में सोयाबीन का इस्तेमाल बढ़ने के बाद यहां से सीधे चीन को सोयाबीन निर्यात की संभावना बढ़ गई है ऐसी स्थिति में भारत संभावित फायदे में चूक जाएगा। वर्तमान में पूरे संभाग में सोया प्लांटों में मंदी के कारण व्यापार कमजोर चल रहा है। वहीं दूसरी और नान ब्रांडेड कंज्यूमर पैकिंग के प्लांट मालिकों की बाजार में सोयातेल बेचने में दिक्कत आ रही है। लोकल स्तर पर खुला तेल खरीदकर रीपेकिंग करने वाले व्यापारी कम वजन की पैकिंग कर रहे हैं जिससे ब्रांडेड कंपनियों के उत्पाद बेचने वालों की भाव के अंतर के कारण माल बेचने में दिक्कत आ रही है। कम पैकिंग वाले अपने उत्पाद को कम रेट पर बाजारों में बेच रहे हैं इससे उपभोक्ताओं को एक ओर हल्की क्वालिटी का तेल मिल रहा है और वो भी कम वजन का मिल रहा है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं का डबल नुकसान हो रहा है। नाप तौल विभाग को इस और ध्यान देकर पूरे संभाग में कार्रवाई कर उपभोक्ताओं को राहत दिलाना चाहिए।



लग्नसरा के चलते सराफा बाजारों में ग्राहकी अच्छी चल रही है। एलकेजी ज्वेलर्स के संचालक निपुण गोठी ने बताया वर्तमान में ज्वेलरी की भरपूर बिक्री चल रही है पूरे संभाग में ग्राहक आकर खरीदी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे साल की बिक्री की 50 प्रतिशत बिक्री इन तीन माह में होती है। इसमें हमें ग्राहकों की पसंद व क्वालिटी का पूरा ध्यान रखना पड़ता है।

खबरें और भी हैं...