परमात्मा का कोई स्वरूप नहीं, लेकिन हर तत्व में विराजमान है
जीव, परमेश्वर अलग-अलग हैं। बह्म एक ब्रह्मांड का मालिक होता है, और संपूर्ण ब्रह्मांड का मालिक परमब्रह्म होता है अर्थात भगवान न तो अंधकार की तरह हैं और न ही प्रकाश की तरह। उक्त उदगार न्यूयार्ड आजाद नगर दुर्गा मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छटवें दिन कथाकार रजनीश दुबे ने भागवत कथा को विस्तार देते हुए कहीं। रविवार को कथा समारोह में मप्र विस अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा भी पहुंचे।