डीजल शेड में गुरुवार सुबह 6:15 बजे रन टेस्टिंग में गलत प्वाइंट मिलने से दो इंजनों की भिड़ंत हो गई। एक इंजन की स्पीड 35-40 किमी प्रति घंटा थी। इंजन में सवार लोको पॉयलट 6 रेलकर्मी घायल हो गए। रेलकर्मियों के सिर, हाथ, पैर और अंदरूनी चोटें आईं। घायलों को न्यूयार्ड रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। सुबह सवा 6 बजे डीजल शेड न्यूयार्ड में टेस्टिंग का काम चल रहा था। दाे इंजन 40053 एंड 11135 डीजल शेड के आउट लाइन इटारसी एंड पर खड़े हुए थे। रन टेस्ट के दौरान गलत पाइंट मिलने से उसी ट्रैक पर डीजल शेड की तरफ से दाे इंजन क्रमांक 11278 एंड 16412 आ गया। इंजन क्रमांक 11278 करीब 35 से 40 की स्पीड में था। इंजन के लोको पॉयलट ने रोकने का प्रयास किया। लेकिन सामने खड़े इंजन 40053 से जा टकराया। घटना के समय दोनों इंजन में लोको पॉयलट , प्वाइंटमैन, टेक्नीशियन, इलेक्ट्रिशियन सहित करीब 8 कर्मी मौजूद थे। जिसमें 6 कर्मचारी घायल हुए। शुक्र है इंजन धीरे से ही टकराया। इससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। टक्कर में दोनों इंजन का अगला कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे का मुख्य कारण सामने नहीं आ पाया है। प्राथमिक जांच के तहत गलत प्वाइंट लगने का कारण सामने आया है।
यह कर्मचारी हुए घायल
लोको पॉयलट अरुण कुमार सिंह, प्वाइंटमैन श्याम कुमार मिश्रा, आशित चौरे, प्वाइंटमैन गजेंद्र शर्मा, विद्युत विभाग के टेक्नीशियन सपन कुमार और इलेक्ट्रीशियन महेश कुमार को अंधरुनी चोटें आई।
सवा घंटे बाद लाइन से हटाया गए इंजन
एडीएमई विष्णु दास, लोको फोरमैन ऋषिकेश शर्मा, आरपीएफ इंस्पेक्टर एसपी सिंह, एएसआई डीके बेलवंशी सहित अन्य मौके पर पहुंचे। निरीक्षण करने के बाद लाइन से इंजन को हटाने की कार्रवाई हुई। करीब सवा घंटे बाद सुबह 7.30 बजे लाइन से इंजनों को हटाया गया।
लापरवाही से हो जाता बड़ा हादसा
इंजनों के टकराने के बाद एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। पर्यवेक्षकों ने निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू की। इसमें हादसा किस वजह से हुआ सहित सुरक्षा पहलुओं पर बात की जा रही है। संबंधित स्टॉफ के बयान, ड्रिलमेंट होने की कमियां सहित अन्य बिंदुओं पर जांच होगी।
डीजल शेड में पहले भी हो चुके हैं हादसे
डीजल शेड में इस घटना से पहले भी रेल इंजनों के आपस में टकराने के हादसे हो चुके हैं। जिसमें मेंटनेंस करने वाले रेलकर्मी घायल हो चुके। शेड में डीजल इंजनों का मेंटनेंस होता है।
दोनों इंजन में लगे थे दो-दो इंजन
घटना के समय दोनों इंजनों में एक-एक अतिरिक्त इंजन लगे थे। डीजल शेड 40053 में 11278 और 11278 में 16412 कपलिंग कर लगे हुए थे। जिसे रन टेस्टिंग के लिए ले जाया जा रहा था।