- Hindi News
- National
- बालाजी मंदिर के पास गोली चली, रात 1:45 बजे घायल युवक खुद हो गया भर्ती, कमर पर मिला निशान
बालाजी मंदिर के पास गोली चली, रात 1:45 बजे घायल युवक खुद हो गया भर्ती, कमर पर मिला निशान
शहर के बालाजी मंदिर इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से रैसलपुर का 26 वर्षीय युवक कपिल तोमर घायल हो गया। गोली कमर को छूकर निकली। इसके निशान मिले हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि युवक पर दो लोगों ने गोली चलाई। गुरुवार-शुक्रवार की आधी रात को 1:45 बजे युवक को उसका एक साथी निजी अस्पताल से होशंगाबाद डबल फाटक के पास स्थित निजी हॉस्पिटल लाया। युवक की हालत खतरे से बाहर होने पर शुक्रवार की दोपहर वह पुलिस को बयान दिए बिना हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गया।
यह पता चला कि इटारसी के भाट मोहल्ले में कपिल तोमर का किसी से विवाद चल रहा था। इसी के चलते यह घटना हुई। कपिल का कहना था कि रात 12:30 बजे उस पर दो लाेगों ने गोली चलाई। गोली चलाने वाले युवकों के नाम नहीं बताए। घटना के बाद युवक न तो इटारसी के सरकारी अस्पताल पहुंचा न ही पुलिस को सूचना दी। वह सीधा होशंगाबाद पहुंचा और नर्मदा हॉस्पिटल में खुद भर्ती हो गया। यहां से होशंगाबाद देहात थाने को मेमो भेज दिया गया था। रात में गोली चलने की वारदात की खबर इटारसी पुलिस को नहीं लगी। अस्पताल सूत्रों के अनुसार आधी रात को निक्की राजवंशी घायल युवक कपिल तोमर को निजी वाहन से लाया था। डॉक्टरों ने चेकअप व एक्सरे जांच में युवक की कमर पर गोली लगने का निशान पाया। पता चला कि गोली कमर को छूकर निकली थी। प्रारंभिक पूछताछ में घायल ने खुद का नाम कपिल तोमर बताया। उसके पिता धनराज तोमर की इटारसी-होशंगाबाद के बीच रैसलपुर गांव में जेसीबी मशीन चलती है। मामले में शुक्रवार की दोपहर 12 बजे इटारसी टीआई विक्रम रजक ने यह कहा कि थाने में ऐसी कोई सूचना नहीं आई कि बालाजी मंदिर क्षेत्र में गोली चली है। हम अस्पताल से मेमो आने पर घटना की जांच करेंगे। टीअाई ने घायल युवक के बयान लेने सब इंसपेक्टर को होशंगाबाद के निजी हॉस्पिटल भेजा पर वे बिना बयान लिए लौट आए। एसआई महेश जाट ने कहा-जब हम अस्पताल पहुंचे तो युवक वहां नहीं मिला। काउंटर से पता चला कि घायल डिस्चार्ज होकर चला गया है।
गोली लगने से घायल कपिल तोमर।
पड़ताल - घटनाक्रम पर उपजे सवाल
उक्त युवक ने रात में इटारसी पुलिस को घटना की सूचना क्यों नहीं दी? गोली खुद के आर्म्स से चली या किसी दूसरे ने चलाई? पुलिस को बयान दिए बिना युवक अस्पताल से क्यों चला गया? घायल के कथन, आराेपी कौन..इसकी जांच में पुलिस ने देरी क्यों की?
हर महीने शहर में चल रहीं गोलियां
13 अप्रैल : बालाजी मंदिर के पास रात में गोली चली लेकिन सिटी पुलिस को पता नहीं चला। घायल न तो अस्पताल पहंुचा न ही फोन पर पुलिस को सूचना दी।
6 मार्च : रंगपंचमी की रात सब्जी मंडी के शनि मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने विवाद करने आये दो युवकों पर लाइसेंसी बंदूक से फायर कर दिया था।
20 फरवरी : नेहरूगंज में सुहाग मैरिज हॉल के सामने बारात निकलने के पहले हर्ष फायर में चली गोलियां दो बारातियों की मौत का कारण बनी।
गईं। इनमें एक दूल्हे के रिश्तेदार 65 साल के विनोद मिश्रा हैं जिनकी पीठ में 27 छर्रे लगे थे। वहीं दाहिने हाथ की बांह में गोली लगने से गंभीर 30 साल के दुर्गेश केवट ने भी दम तोड़ दिया। घटनास्थल पर ज्यादा खून बहने से दुर्गेश का ब्लड प्रेशर लो हो गया था। बारात में बंदूक लेकर आए शैलेष पाठक ने गोलियां चलाई थीं।