हाईवे पर हो रहे दर्दनाक हादसे के बाद भी प्रशासन मौन है। सड़कों पर बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्राली वे रोक-टोक दौड़ रहीं हैं। ट्रैक्टर-ट्रालियों पर न तो रेडियम लगा है न ही कोई संकेतक नजर आ रहा है। बल्कि नंबर के स्थान पर स्वयं के विज्ञापन जरूर छपे हैं। सीमेंट पर चलने वाली ट्रैक्टर-ट्रालियों का तो कलर भी समझ नहीं आता। रात में यदि यह ट्रैक्टर-ट्राली सामने चल रहीं हो तो दिखाई भी नहीं देगी। ऐसी स्थिति में हादसा होना तय हैं। किसानी कार्यों के लिए बनी ट्रैक्टर-ट्राली को एजेंसी संचालक या वाहन मालिक बिना कामर्शियल परमिट के ईंट, सीमेंट, रेत और गिट्टी सहित अन्य सामान ढोने में लगे हैं। इतनी लापरवाही के बाद भी इन पर प्रशासन की मेहरबानी हैं।