सारा धन यहीं रह जाएगा, साथ केवल भगवान की भक्ति जाएगी ः किशोरी
भास्कर न्यूज | पिस्का नगड़ी
मानव ब्रह्मांड का एक मात्र जीव है, जो भगवान का भजन और स्तुति कर सकता है। यही कारण है कि देवता भी मानव तन पाने के लिए लालायित रहते हैं।
उक्त बातें नगड़ी में श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ के चौथे दिन के प्रवचन में सुमन किशोरी ने कहीं। उन्होंने कहा कि सारा धन यहीं रह जाएगा यदि जाएगा तो केवल भगवान की भक्ति, भगवान भक्त की सरलता को देखते हैं, जिसका मन निर्मल हो वही भगवान को पा सकता है। भागवत कथा श्रवण के लिए नगड़ी, इटकी, बेड़ो, रातू सहित प्रखंड के कई गांवों से महिला-पुरुष पंडाल में पहुंचे। आज के प्रवचन में किशोरी जी ने कहा कि जिस कुल में भक्त का जन्म होता है वह कुल तर जाता है। उन्होंने लोगों से माता-पिता की सेवा का संदेश दिया। आज का प्रवचन का विषय गजेंद्र उद्धार और समुद्र मंथन था। प्रवचन में आज वामनावतार के संबंध में विस्तार से बताया। पूर्वाह्न में भागवत के चौथे अध्याय का पाठ हुआ, जिसमें सभी यजमान भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया इसके बाद आरती एवं प्रसाद वितरण किए गए। इसके पूर्व महिला समिति व भागवत समिति द्वारा ठाकुर जी, भागवत और सुमन किशोरी जी को माल्यार्पण किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में तपेश्वर केसरी, केदारनाथ भगत, केशव कुमार भगत, हेमंत केसरी, चुडामनी महतो, शशिभूषण भगत, सीताराम चौधरी, डॉ. त्रिवेणी नाथ साहू, द्वारिका केसरी, दौलतराम केसरी, शीला देवी, शांति चौधरी, नंदकिशोर मेहता, अखिलेश केसरी, कमलेश केसरी, सहित समिति के पदाधिकारियों का योगदान रहा।