हितग्राही को पता नहीं और सरपंच सचिव ने आहरित कर ली आवास की राशि
जनपद जबेरा की ग्राम पंचायत डूमर का मामला
भास्कर संवाददाता| बनवार/जबेरा
जनपद जबेरा की ग्राम पंचायत डूमर में हितग्राही के नाम का पीएम आवास की राशि सरपंच सचिव ने आहरित कर ली है। खासबात यह है कि हितग्राही को इसका पता भी नहीं चला। हितग्राही का एक वर्ष पूर्व में पीएम आवास में रजिस्ट्रेशन हुआ था। एक वर्ष बीतने के बाद पीएम आवास की सूची में नाम नहीं आने पर सचिव के ग्राम पंचायत से सदैव नदारत रहने के चलते जैसे ही रोजगार सहायक पदस्थ हुए तो जानकारी लेने पहुंचे हितग्राही को रोजगार सहायक ने बताया कि तुम्हारे पीएम आवास निर्माण की तीन क़िस्त निकल गई हैं।
हितग्राही भौंचक रह गया और सरपंच सचिव के पास इस गंभीर मामले का निराकरण के लिए महीनों भटकने के बाद जनसुनवाई में आवेदन करके पीएम आवास की राशि आहरित करने की जांच की मांग की।
जनपद जबेरा की ग्राम पंचायत डूमर में पदस्थ सचिव रामसेवक विश्वकर्मा के द्वारा भ्रष्टाचार व कार्य के प्रति घोर लापरवाही के नित्य नए मामले उजागर होने के बावजूद अधिकारियों की सरपरस्ती के चलते शिकायतों की जांच तक नहीं हो रही जिसके चलते सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सावलिया निशान लग रहा और आम जनता का शासन प्रशासन पर विश्वास नहीं रहा है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण है 15 मई को जन सुनवाई में दिया गया आवेदन जिसमें डूमर ग्राम पंचायत के बड़गुवां निवासी कनई पिता सुक तरिया वंसवर्ती ने बताया कि पीएम आवास की सूची में पात्रता में नाम दर्ज है, जिसकी आईडी 2520369 है सूची में 183 नंबर पर नाम दर्ज है।
बावजूद इसके पीएम आवास भी मिला है। लेकिन पीएम आवास निर्माण की पूर्ण राशि सचिव के द्वारा आहरित करने के बावजूद पीएम आवास निर्माण नहीं हुआ है। जिसका खुलासा ग्राम रोजगार सहायक के पदस्थ होने पर पीएम आवास की जानकारी के लिए पीएम आवास के जरूरी दस्तावेज दिखाने पर हुआ।
तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार आ चुके है
रोजगार सचिव शशिकांत यादव ने बताया कि तुम्हारे नाम से स्वीकृति 24 मई 2017 को पीएम आवास निर्माण की पूर्ण राशि तीनों क़िस्त एक लाख 20 हजार आहरित हो चुकी है लेकिन मुझे कोई जानकारी नहीं है और न भी मेरे नाम पर मेरी जगह पर कोई पीएम आवास का निर्माण नहीं हुआ है। जिसकी जानकारी व पीएम आवास निर्माण के लिए सरपंच सचिव से अनेक बार प्रार्थना के बावजूद कोई सुनाई नहीं होने पर पीएम आवास निर्माण के नाम पर हितग्राही की स्वीकृत पीएम आवास की पूर्ण राशि सचिव के द्वारा निकालने के फर्जीबाड़ा की जांच के साथ दोषी सचिव पर कार्यवाही करते हुए हितग्राही के पीएम आवास की आहरित की गई पूर्ण राशि दिलवाने की मांग की गई है।