भास्कर संवाददाता| बनवार
जबेरा जनपद की ग्राम पंचायत डूमर में पदस्थ सचिव राम सेवक विश्वकर्मा के द्वारा महिला सरपंच के हस्ताक्षर, सील कर लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया था। जिसकी जांच में दोषी पाए जाने पर सचिव को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार महिला सरपंच भारती अहिरवार ने 17 अप्रेल को कलेक्टर से की गई थी। जिसमें सचिव पर हरिजन मोहल्ला में सीसी निर्माण के नाम पर लाखों रु की राशि खुर्दबुर्द होना बताया गया लेकिन हकीकत में आज भी धरातल पर सीसी निर्माण नहीं हुआ है। यही हाल दूसरे सीसी सड़क राजाराम के घर से शांतिधाम तक कि डीपीआर बनाया गया था जिसकी राशि सचिव रामसेवक विश्वकर्मा के द्वारा अपने घर के सदस्यों के बिल लगाकर राशि निकाल ली गई जिसमें सरपंच की न तो सील ओर न ही हस्ताक्षर है इसके बावजूद रसीद बनाकर राशि निकाल ली गई। इसके अलावा गांव की पेयजल व्यवस्था के नाम पर पीएचई के स्टीमेट की तीन लाख 85 हजार रुपए की राशि खर्च होने के बावजूद 25 सौ फीट पाइप लाइन डाली गई, बाकी राशि निकालकर डकार ली गई। इसके अलावा हरिजन मोहल्ला में मुरमी करण के नाम पर भी एक लाख 30 हजार, पेयजल परिवहन के नाम पर 70 हजार रुपए, विधायक निधि से बनने वाले चबूतरा निर्माण के डेढ लाख रुपए की राशि का भी दुरुपयोग किया गया। जिसका उपयंत्री द्वारा मूल्यांकन करके फर्जीवाड़ा किया जाता रहा। लाखों रुपए के दुरुपयोग का मामला अधिकारियों के सामने आया तो मनरेगा एसडीओ आरके कोरी, उपयंत्री सुरेश प्रजापति द्वारा आनन-फानन में जांच रिपोर्ट तैयार कर की गई जिसमें वह प्रथम दृष्टया सचिव दोषी पाए गए। इसके बावजूद भी उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद महिला सरपंच द्वारा कलेक्टर से शिकायत करने के बाद जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को प्रस्तुत किया गया। जिसके बाद 14 मई को सचिव को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।