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16 पंचायतों की विकास राशि पर लगी रोक

3 वर्ष पहले
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जगन्नाथपुर अनुमंडल के प्रखंड मुख्यालय में 16 पंचायतों में होने वाली विकास कार्य के लिए 2018-19 के लिए मिलने वाली राशि पर रोक लगा दी गई है। वहीं क्षेत्र में पड़ने वाली 16 पंचायतों के मुखिया व पंचायत सेवकों का डोंगल का रेनुवल नहीं होने के कारण पंचायत का विकास मद में हुई खर्च का ब्योरा नहीं मिल रहा है। लेकिन पंचायत के मुखिया व पंचायत सेवकों के डोंगल से राशि नहीं निकालकर जगन्नाथपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी के डोंगल से निकाली जा रही है। मालूम हो कि जगन्नाथपुर प्रखंड मुख्यालय की 16 पंचायतों के पंचायत सेवक व मुखिया तथा रोजगार सेवकों का डीएससी दस दिन के अंदर चालू कराने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी रामनारायण खालखो द्वारा निर्देश जारी किया गया है। यदि दस दिन के अंदर पंचायत सेवक, सभी पंचायत के मुखिया तथा रोजगार सेवक, डीएससी (डोंगल) चालु नहीं किया गया। सभी के वेतन पर रोक लगाने का प्रस्ताव उपविकास आयुक्त को भेज दिया गया है। वहीं डीडीसी द्वारा भी नराजगी जाहिर की गई है। जगन्नाथपुर प्रखंड में चल रहा विकास कार्यों की प्रगती रिपोर्ट नहीं दिये जाने के कारण 18-19 के मद में होने वाली विकास राशि का आवंटन पर रोक लगा दी गई है। जबकी 17-18 में दिए गए पंचायतों की राशि किस योजना के मद पर निकासी की गई है, इसका लेखा जोखा नहीं मिल रहा है जिस कारण जगन्नाथपुर प्रखंण्ड का प्रगती रिपोर्ट नहीं मिल रहा है।

प्रखंड में 2402 योजनाएं संचालित

इस प्रखंड में कुल 2402 योजनाएं संचालित है और इन योजनाओं को पूर्ण करने में 7634 मजदूर प्रतिदीन कार्य करते हैं। इसमें आधारकार्डधारी मजदूरों की संख्या 7317 व 307 मजदूरों का आधार कार्ड से लिंक नहीं जोड़ा गया है। इधर जब पंचायत के मुखियाओं का डोंगल पिछले पांच माह से रेन्यूल नहीं किया गया है। 13 पंचायत सेवकों ने आज तक डोंगल ही नहीं बनाया है तो योजना में खर्च राशि की निकासी किसके डोंगल से हुई है। इस मामले की जांच अॉडिट द्वारा करने पर लेखा जोखा नहीं मिल रहा है। जबकी योजना पर खर्च की राशि और मजदूरों का मजदूरी भत्ता का भुगतान प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी के डोंगल से निकासी की गई है जो पंचायती राज अधिनियम के तहत गलत है। अब मामला बनता है कि यदि पांच माह से सभी पंचायत के मुखिया का डोंगल रेनुवल नहीं कराया गया और पंचायत के सभी पंचायत सेवकों ने अब तक डोंगल नहीं बनाया तो विभाग के द्वारा क्या कार्रवाई की गई। अब जब ऑ द्वारा योजनाओं की जांच की गई तो लेखा जोखा का हिसाब किताब नहीं मिल रहा है तब विभाग की नींद खुली और डोंगल बनवाने और रेनुवल कराने की कवायद शुरू कि गई है। इधर बीडीओ द्वारा अपने डोंगल से राशि की निकासी करने पर रोक लगा दिया गया है। वैस स्थिति में गांव में चल रहे विकास कार्य और मजदूरों का मजदूरी भत्ता प्रभावित होना शुरू हो गया है।

13 पंचायत सेवकों के पास अपना डोंगला नहीं

जिन पंचायतों में विकास कार्य करने व चलाने की बागडोर पंचायत सेवकों को दी गई है। उन 16 पंचायत सेवकों में से 13 पंचायत सेवकों के पास अपना डोंगल ही नहीं है तो भला कैसे चलाएगें पंचायत और सरकार के द्वारा दी गई राशी का हिसाब रख पाएंगे। जगन्नाथपुर प्रखंड के 16 पंचायत के मुखिया व सभी पंचायत सेवकों को दस दिन के अंदर डीएससी डोंगल चालू कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी मुखियाओं को भी शॉकाज किया गया है। किस कारण से डोंगल रेनुवल नहीं कराया जा सका है।

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