जिले में बीते 3 दिनों से बीएसएनएल की सेवा प्रभावित रहने से उपभोक्ताओं को तकलीफ हो रही है। मोबाइल पर इंटरनेट डाटा कनेक्टिविटी तो दूर सामान्य बातचीत होना भी मुश्किल हो गया है। पूरी तरह बीएसएनएल के नेटवर्क पर निर्भर लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई। मोबाइल के साथ ही लैंडलाइन व ब्राडबैंड सेवा खराब होने से सरकारी-गैर सरकारी दफ्तरों व दुकानों के कामकाज पर असर पड़ा। कलेक्टोरेट का लैंडलाइन फोन तक ठप रहा। राहत की बात यह रही कि लीज लाइन कनेक्शन ठीक रहने से कलेक्टोरेट की एनआईसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग जैसे ऑनलाइन कामकाज चलते रहे। तीसरे दिन गुरूवार की शाम 4 बजे नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल हो सकी, लेकिन लैंड लाइन सेवा देर शाम तक ठीक नहीं हो सकी थी। इस बारे में बीएसएनएल के एसडीओ टेलीकॉम एबी सिंह का कहना है कि जगदलपुर के आगे से लाइन में खराबी थी, जिसे ठीक कर लिया गया है। मोबाइल के साथ लैंड लाइन सेवा प्रभावित होना स्वाभाविक है।
एक से ज्यादा कंपनी का मोबाइल चलाना मजबूरी
बीएसएनएल की लचर सेवा के चलते लोग एक से ज्यादा कंपनियों के मोबाइल सिम रखने पर मजबूर हैं। ताकि एक नेटवर्क के ठप होने पर दूसरे से काम चल सके। इसके बावजूद कटेकल्याण, कुआकोंडा ब्लॉक समेत अरनपुर, कासोली जैसी जगहों पर जगहों पर इकलौता बीएसएनएल का टॉवर ही लगा है, जिससे बीएसएनएल की सेवा ठप होते ही लोगों की तकलीफ बढ़ जाती है। इन जगहों पर निजी कंपनियों के टॉवर नहीं होने से लोगों के पास दूसरा विकल्प नहीं है।