बस्तर जिले के 126 छोटे बड़े प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा के अधिकार के तहत 1123 सीटें गरीब तबके के बच्चों के लिए रिजर्व हैं। इन सीटों पर निशुल्क शिक्षा के लिए दाखिलों की प्रक्रिया हफ्ता भर पहले शुरू हो गई थी। वहीं अभी तक विभाग को इन सीटों के लिए 703 आवेदन ही मिले हैं। इसमें भी खास बात यह है कि इतने आवेदनों में 301 फार्म शहर के चुनिंदा मात्र आधा दर्जन स्कूलों में दाखिलों के लिए ही जमा हुए हैं।
इससे साफ है कि पढ़ाई को लेकर लोगों का रुझान बस्तर जिले के गिने चुने स्कूलों के प्रति ही है। एक तथ्य यह भी है कि इन शालाओं में आरटीई के तहत जितनी सीटें रिजर्व हैं उनसे दोगुना से भी ज्यादा आवेदन जमा हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में सभी को इन संस्थाओं में एडमिशन भी नहीं मिलना है। अभी तक सबसे ज्यादा निर्मल 121,सेंट जैवियर 88,विद्या ज्योति 72,दीप्ति कान्वेंट 38,पीएस हम किडजी 38,सक्सेस कान्वेंट 26,बाल विहार स्कूल 18 आवेदन जमा हुए हैं। वहीं दूसरी ओर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के इंग्लिश मीडियम स्कूलों में दाखिलों के लिए कोई मारा मारी नहीं है। हालांकि 25 मई आवेदन पत्र जमा करने की आखरी तारीख है।
पूरा सिस्टम ऑनलाइन, लॉटरी भी रायपुर में
शहरी चुनिंदा स्कूलों में लोगों ने दाखिलों के लिए आवेदन तो कर दिए हैं लेकिन इस में नियम को भी ध्यान में रखना होगा। जिन शालाओं में निर्धारित सीटों से अधिक आवेदन आते हैं वहां लाटरी से दाखिलों की प्रक्रिया पूरी होती है। इस बार शिक्षा के अधिकार के तहत सारा सिस्टम ऑनलाइन हो गया है। इसके चलते लॉटरी निकालने का काम भी अफसर रायपुर से करेंगे। अब इससे निर्धारित सीटों पर दाखिले मिल जाएंगे बाकी को सरकारी स्कूलों में जाना पड़ेगा। इससे अच्छा विकल्प लोगों के पास यह है कि इन चुनिंदा शालाओं को छोड़ कर दूसरी जगह आवेदन किया जाए।
3 साल से कम व 4 से ज्यादा उम्र होने पर रिजेक्ट
आरटीई के तहत दाखिलों के लिए भरे जाने वाले आवेदन पत्र के लिए भी एक नियम स्पष्ट है। इसमें 31 मार्च 2018 की स्थिति में आवेदक बच्चे की उम्र 3 साल की पूरी होनी चाहिए और 4 साल से एक दिन भी ज्यादा नहीं होना। फार्म भरने के समय यदि इस पर ध्यान नहीं दिया जाता तो वे आवेदन भरे हुए तो दिखेंगे लेकिन कंप्यूटर लाल निशान दिखा देगा। इसका मतलब यह है कि फार्म रिजेक्ट हो गया है। ऐसे मामलों पर विभाग कोई विचार ही नहीं करेगा। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र झा ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही एडमिशन होनी है। दाखिलों में पूरी तरह से पारदर्शिता रहेगी।